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पॉश इलाके में दिनदहाड़े बदमाशों ने गोल्ड फाइनेंस कंपनी में की लूट, अधिकारियों को दो घंटे बनाया बंधक

Sat, 01 Dec 2018 08:30 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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लूट के बाद जांच में जुटी पुलिस
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राजपुर रोड पर सशस्त्र नकाबपोश बदमाशों ने दिनदहाड़े एक फाइनेंस कंपनी में कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बनाकर सोने की चेन और 48 हजार रुपये की नगदी लूट ली। बदमाशों की संख्या चार बताई जा रही है।

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कर्मचारियों और ग्राहकों को बदमाशों ने हथियारों के बल पर करीब दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान उन्होंने स्ट्रांग रूम में की सेल्फ (अलमारी) को भी खोलने का प्रयास किया, लेकिन नाकाम रहे। इसके बाद वे कर्मचारियों को स्ट्रांग रूम में बंद कर वहां से भाग निकले। जैसे तैसे कर्मचारी वहां से बाहर आए और पुलिस को सूचना दी।
 
घटना शुक्रवार सुबह करीब 11.45 बजे की बताई जा रही है। राजपुर रोड पर स्थित मीडो प्लाजा में गोल्ड लोन देने वाली कंपनी आईआईएफएल का दफ्तर है। इस दफ्तर में शाखा प्रबंधक फिरदौस मुगल समेत पांच कर्मचारी हैं। 

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शुक्रवार को यहां रोज की तरह काम चल रहा था, कर्मचारी एक ग्राहक के लोन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा रहे थे। दफ्तर के मुख्य द्वार के पास रिसेप्शनिस्ट बैठी हुई थी और फिरदौस वहां फोन पर बात करते टहल रहे थे।

इसी दौरान एक नकाबपोश भीतर घुसा और उसने रिसेप्शनिस्ट के सिर पर पिस्टल तान दी। बकौल फिरदौस उन्हें लगा कि बदमाश अकेला है तो उन्होंने उसे दबोचने का प्रयास किया, लेकिन देखते ही देखते वहां तीन नकाबपोश बदमाश हथियार लहराते हुए अंदर दाखिल हो गए।

उन्होंने फिरदौस को धक्का देकर गिरा दिया। इसके बाद बदमाशों ने एक एक कर सभी चारों सीसीटीवी कैमरों के तार काट दिए और कैशियर केबिन में दाखिल हो गए। उन्होंने वहां गोल्ड एप्रेजर (सोने का मूल्यांकन करने वाला) सारिक पर बंदूक तान दी और सब कुछ उनके हवाले करने को कहा। इस पर बगल में बैठे जयवीर नाम के कर्मचारी ने बदमाशों को वहां से उठाकर एक सोने की चेन व 48 हजार रुपये नगद दे दिए। 


 

इसके बाद बदमाशों ने फिरदौस, सारिक, जयवीर, विजेंद्र आदि कर्मचारियों को बंधक बनाकर घुटनों के बल बैठा दिया। इस दौरान वहां आए ग्राहकों को भी बदमाशों ने कर्मचारियों के पास ही बैठा लिया।

इनमें से एक बदमाश ने की हैंगर (चाबी टांगने वाली खूंटी) से स्ट्रांग रूम का दरवाजा खोल दिया और अंदर सेल्फ को खोलने लगा। चूंकि, सेल्फ में इलेक्ट्रोनिक कोड था तो वह उनसे नहीं खुल पाया।

इस पर उन्होंने फिरदौस (शाखा प्रबंधक) के सिर पर पिस्तौल की बट से वार किया। बदमाशों ने फिरदौस के गुप्तांग पर भी लात मारी और सेल्फ को खोलने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया।
 
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बदमाश वहां तकरीबन डेढ़ घंटा रुके और बार बार जान से मारने की धमकी देते रहे। बावजूद इसके कर्मचारियों और शाखा प्रबंधक ने उन्हें कोड नहीं बताया। इसके बाद बदमाश सभी को स्ट्रांग रूम में बंद कर बाहर से ताला लगाकर भाग गए। जाते वक्त वे वहां से सीसीटीवी की डीवीआर भी उठा ले गए। बदमाशों ने कर्मचारियों के मोबाइलों को गेट पर रख दिए।

करीब आधे घंटे बाद कर्मचारी जैसे तैसे ताला तोड़कर बाहर निकले और करीब 2.30 बजे अपने क्षेत्रीय प्रबंधक पंकज कुमार को घटना की सूचना दी। सूचना पर पंकज मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया।

इसके बाद तकरीबन चार बजे प्रभारी निरीक्षक डालनवाला राजीव रौथाण मय फोर्स मौके पर पहुंचे और मौका मुआयना किया। कुछ देर बाद वहां एसएसपी निवेदिता कुकरेती और एसटीएफ एसपी अजय सिंह भी पहुंच गए। पुलिस कर्मचारियों से घटना के संबंध में जानकारी ली। फोरेंसिक जांच टीम ने वहां से प्रमुख वैज्ञानिक साक्ष्यों को संकलित किया।
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