स्कूल में जितने बच्चे पढ़ रहे हैं उसके दस गुना तक का रजिस्ट्रेशन दर्शाया गया है। कुछ अशासकीय स्कूलों में जितने बच्चों का रजिस्ट्रेशन दिखाया है, उतने बच्चों के बैठने की जगह तक नहीं है।
अब विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से इन बच्चों के परीक्षा फार्मों की जांच कराई जाएगी। मिलान कराया जाएगा कि बोर्ड परीक्षा के लिए कितने बच्चों के किस स्कूल से आवेदन आए हैं।
अपर निदेशक ने कहा कि मामला फर्जीवाड़े का है। जांच के बाद संबंधित स्कूल संचालकों एवं शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही दून समेत अन्य जिलों में भी अशासकीय स्कूलों की जांच की जाएगी।