देहरादून। सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा, प्रदेश में अगले महीने से वृहद किसान ऋण मेले लगेंगे। इसका उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना है।
मंत्री ने किसानों के लिए वृहद ऋण मेलों के आयोजन की तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऋण मेलों के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को सहकारी ऋण सुविधाओं से जोड़ा जाए। उन्हें विभागीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अभी से प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। बैठक में किसान समृद्धि कार्ड बनाए जाने की प्रगति, इफको टोकियो के माध्यम से सहकारी क्षेत्र में बीमा सुविधाओं की स्थिति एवं भारत सरकार की ‘धरती माता’ मिट्टी की जांच योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इसके साथ ही सहकारिता विभाग और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार की प्रगति की जानकारी भी ली गई।
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22 अक्तूबर तक तैयारियों की होगी समीक्षा
सहकारिता मंत्री ने सचिव सहकारिता को निर्देश दिए कि 22 अक्तूबर तक संबंधित योजनाओं और प्रस्तावित किसान ऋण मेलों की तैयारियों की फिर से समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा, इससे पूर्व सचिव सहकारिता सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करें। सभी अधिकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना होमवर्क पूरा कर लें, ताकि अगली समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की स्पष्ट जानकारी प्रस्तुत की जा सके। बैठक में सचिव सहकारिता डॉ.इकबाल अहमद, निबंधक सहकारी समितियां डॉ.मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, आनंद शुक्ल, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, एमपी त्रिपाठी, रविंद्री मंदरवाल, प्रबंध निदेशक राज्य सहकारी बैंक प्रदीप मेहरोत्रा, उप निबंधक मोनिका चुनेरा, राजेश चौहान उपस्थित रहे।