एसडीओ गिरीश कुमार आर्या ने बताया कि मिल स्वामी अजय कुमार पांडेय पिछले कई महीनों से रात को सीधे 11 केवी की विद्युत लाइन से अपने निजी 800 केवीए के ट्रांसफार्मर को उर्जीकृत कर बिजली चोरी कर रहा था। गदरपुर थाने में अजय के खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराया गया है। इंडस्ट्री में करीब 70 लाख रुपये से अधिक की बिजली चोरी का अनुमान है।
छापा सुनियोजित साजिश, कोर्ट की शरण लेंगे : पांडेय
निर्माणाधीन इंडस्ट्री में छापे को सुनियोजित साजिश करार देते हुए इंडस्ट्रीज के स्वामी अजय कुमार पांडेय ने न्यायालय की शरण लेने की बात कही है। कहा कि उन्होंने किसी भी प्रकार की बिजली चोरी नहीं की। 500 केवी के कनेक्शन के लिए बीते अक्तूबर में आवेदन किया था। मार्च में विभागीय कर्मियों ने स्वयं आकर केबल भी खिंचवाई थी और 15 अप्रैल को उनके मोबाइल पर जेई महेंद्र सिंह ने स्वीकृति का मैसेज भी किया था। इसके बाद मीटर लगना बाकी था लेकिन इससे पहले ही उनकी निर्माणाधीन इंडस्ट्री पर छापा मार दिया गया जो एक साजिश है।
बिजली चोरी में चार साल पहले पकड़ी गई थी आइस फैक्ट्री
निर्माणाधीन इंडस्ट्री में 98 केवी की बिजली चोरी के मामले ने वर्ष 2015 में पकड़ी गई 79 केवी की विद्युत चोरी के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है। बता दें कि 22 जून 2015 को विद्युत विभाग की विजिलेंस टीम ने गदरपुर में एक आइस फैक्ट्री में दो कनेक्शनों से करीब 79 किलोवाट की विद्युत चोरी को पकड़ा था। टीम ने तब दो मीटर बॉक्स और केबल को जब्त किया था। मामले में आइस फैक्ट्री मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।