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विद्युत विभाग की टीम ने फैक्ट्री में मारा छापा, बिजली चोरी का तरीका देख हैरत में पड़े अधिकारी

Mon, 22 Apr 2019 10:36 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर/गदरपुर
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बिजली चोरी - फोटो : अमर उजाला
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विद्युत विभाग की सतर्कता टीम ने फ्लोर मिल फैक्ट्री में छापा मारकर बिजली चोरी पकड़ी है। टीम को केबल के जरिये 11 केवी की लाइन से फैक्ट्री का 800 केवीए ट्रांसफार्मर उर्जीकृत होते मिला। जांच में करीब 98 केवी बिजली चोरी का मामला सामने आया है। 

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विभाग ने फैक्ट्री से बरामद केबल को सील कर मिल स्वामी के खिलाफ विद्युत अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। बताया जा रहा है कि यह तराई में अब तक की सबसे बड़ी बिजली चोरी का मामला है। इतनी बड़ी बिजली चोरी को देख अधिकारी भी हैरानी में पड़ गए।

मुखबिर ने ऊर्जा निगम को गदरपुर के प्रेमनगर में फ्लोर मिल इंडस्ट्रीज में बिजली चोरी की सूचना दी थी। विभागीय अधिकारियों ने सतर्कता दल के साथ शनिवार रात करीब 11:45 बजे फैक्ट्री में छापा मारा। वहां मिल कर्मी लतीफ मौके पर मिला।
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टीम को छापे के दौरान 25 केवीए के ट्रांसफार्मर से पहले 11 केवी की करीब 90 मीटर केबल अवैध रूप से जुड़ी मिली। इस केबल के जरिये करीब 98 किलोवाट की अतिरिक्त बिजली चोरी की जा रही थी। टीम ने अवैध रूप से डाली गई केबल को जब्त कर लिया। 

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एसडीओ गिरीश कुमार आर्या ने बताया कि मिल स्वामी अजय कुमार पांडेय पिछले कई महीनों से रात को सीधे 11 केवी की विद्युत लाइन से अपने निजी 800 केवीए के ट्रांसफार्मर को उर्जीकृत कर बिजली चोरी कर रहा था। गदरपुर थाने में अजय के खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराया गया है।  इंडस्ट्री में करीब 70 लाख रुपये से अधिक की बिजली चोरी का अनुमान है। 

छापा सुनियोजित साजिश, कोर्ट की शरण लेंगे : पांडेय 
निर्माणाधीन इंडस्ट्री में छापे को सुनियोजित साजिश करार देते हुए इंडस्ट्रीज के स्वामी अजय कुमार पांडेय ने न्यायालय की शरण लेने की बात कही है। कहा कि उन्होंने किसी भी प्रकार की बिजली चोरी नहीं की। 500 केवी के कनेक्शन के लिए बीते अक्तूबर में आवेदन किया था। मार्च में विभागीय कर्मियों ने स्वयं आकर केबल भी खिंचवाई थी और 15 अप्रैल को उनके मोबाइल पर जेई महेंद्र सिंह ने स्वीकृति का मैसेज भी किया था। इसके बाद मीटर लगना बाकी था लेकिन इससे पहले ही उनकी निर्माणाधीन इंडस्ट्री पर छापा मार दिया गया जो एक साजिश है। 

बिजली चोरी में चार साल पहले पकड़ी गई थी आइस फैक्ट्री 
निर्माणाधीन इंडस्ट्री में 98 केवी की बिजली चोरी के मामले ने वर्ष 2015 में पकड़ी गई 79 केवी की विद्युत चोरी के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है। बता दें कि 22 जून 2015 को विद्युत विभाग की विजिलेंस टीम ने गदरपुर में एक आइस फैक्ट्री में दो कनेक्शनों से करीब 79 किलोवाट की विद्युत चोरी को पकड़ा था। टीम ने तब दो मीटर बॉक्स और केबल को जब्त किया था। मामले में आइस फैक्ट्री मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। 
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