विवि के कुलसचिव जहां आरक्षण के इस मुद्दे को कॉलेजों के ऊपर छोड़ रहे हैं वहीं कॉलेजों का कहना है कि सीटें तय करने का अधिकार विवि का है। छात्र सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इस पूरी खामोशी से पैदा हो रहे दाखिला संकट में उनकी क्या गलती है? 12वीं पास करने वाले छात्र अंकित रावत का कहना है कि जब उन्होंने शहर के कॉलेजों में संपर्क किया तो पता चला कि अभी तक सीटें ही तय नहीं हैं। इसलिए वह दाखिलों की जानकारी नहीं दे सकते। इसी प्रकार, 12वीं पास करने वाली सोनिया भी दाखिलों की जानकारी न मिल पाने की वजह से परेशान हैं। मामले में विवि के कुलसचिव प्रो. एके झा से उनका पक्ष जानने के लिए फोन किया गया। लेकिन, उन्होंने फोन नहीं उठाया। उन्होंने एसएमएस का भी कोई जवाब नहीं दिया। जब उनका पक्ष आएगा तो उसे प्रकाशित किया जाएगा।
एसजीआरआर ने पंजीकरण शुरू किए
आर्थिक पिछड़ों को दाखिलों में दस प्रतिशत आरक्षण के नियम की वजह से सीटें तय नहीं हैं। इसलिए एसजीआरआर ने प्रवेश प्रक्रिया तय नहीं की है। कॉलेज प्राचार्य प्रो. वीए बौड़ाई ने बताया कि फिलहाल उन्होंने सभी 12वीं पास छात्रों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू करा दिए हैं। ईडब्ल्यूएस पर विवि या सरकार से जो भी निर्देश मिलेंगे उनका पालन मेरिट बनाते वक्त किया जाएगा। एसजीआरआर में यूजी दाखिलों के पंजीकरण के लिए आप वेबसाइट http://sgrrcollege.co.in/ पर क्लिक कर सकते हैं।