ड्रेस के रूप में साड़ी-ब्लाउज या लेडीज सूट का विकल्प है। भोजन माताएं स्वयं निर्धारित मूल्य सीमा की वर्दी क्रय कर सकती हैं। वर्दी का पक्का बिल भोजनमाता को अभिलेख के लिए स्कूल को उपलब्ध कराना होगा।
एमडीएम के जिला समन्वयक कमलेश बसेड़ा कहते हैं कि शीतकालीन अवकाश के बाद सभी भोजन माताएं हरे रंग की वर्दी में नजर आएंगी।
ड्रेस के साथ बेज पहनना भी अनिवार्य
भोजन माताओं को ड्रेस के साथ ही एमडीएम का लोगो, मोनोग्राम अथवा बेज पहनना भी अनिवार्य होगा। ताकि उनके संस्थान की पहचान हो सके। लोगो और मोनोग्राम को वर्दी पर प्रिंट करवाने की भी तैयारी है।