करीब साढ़े ग्यारह बजे जेएम नितिका खंडेलवाल भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं के बीच पहुंची। पदाधिकारियों ने जेएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि झारखंड में 22 जून को तबरेज अंसारी की कुछ जातिवादी लोगों ने मॉब लिचिंग हत्या की, जो भारत में पहला मामला नहीं है।
भारत में 2016 में भी 22 मामले मॉब लिंचिंग के सामने आ चुके हैं। अत: सरकार को इसके खिलाफ ठोक कदम उठाकर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने मांग उठाई कि तरबेज हत्याकांड के आरोपियों को फांसी और हत्याकांड में शामिल पुलिसकर्मियों की सरकारी सेवा बर्खास्त की जाए।
इसके साथ ही ज्ञापन में छात्रवृत्ति को लेकर भी मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया है कि तीन वर्ष से छात्रवृत्ति न मिलने के कारण एक लाख 46 हजार छात्र/छात्राओं की शिक्षा में बाधा आ रही है। अत: सरकार की ओर से तुरंत छात्रवृत्ति जारी की जाए। ज्ञापन में साफ किया गया है कि यदि मांगों पर संज्ञान नहीं लिया जाता है तो संवैधानिक तरीके से बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
जेएम ने आश्वासन दिया कि पदाधिकारियों की मांगों का ज्ञापन राष्ट्रपति को भेजा जाएगा। करीब बारह बजे पदाधिकारियों से ज्ञापन लेकर जेएम वापस लौट गई। इस दौरान सीओ चंदन सिंह बिष्ट, कोतवाल राजेश शाह, कोतवाल अमरजीत सिंह आदि के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह, प्रमोद, दीपक, अमरीश, परवेज, सचिन, खुर्शीद, सावेज, शमीम, काला, फारूक, अब्दुल मलिक आदि मौजूद रहे।
बर्दाश्त नहीं होगी एक भी कार्यकर्ता पर कार्रवाई
कार्यक्रम के समाप्त करने के बाद भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह ने एलआईयू के अधिकारियों को साफ किया कि प्रशासन की ओर से धारा-144 लागू की गई है। यदि उनके एक भी कार्यकर्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज होता है तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि मुकदमा दर्ज हुआ, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
पुलिस के फूले रहे हाथ पांव
भीम आर्मी के कार्यक्रम को लेकर पुलिस और प्रशासन के हाथ पांव फूले रहे। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार्यक्रम के दौरान भारी पुलिसबल तैनात किया गया था ताकि किसी भी प्रकार की स्थिति को नियंत्रण किया जा सके। इसके साथ ही कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी पुलिसबल मौके पर डटा रहा। वहीं पुलिस कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम समाप्त होने का हवाला देते हुए घर जाने की सलाह देती रही, लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के करीब आधा घंटा बाद तक कार्यकर्ता मौके पर जमा रहे।
हाईवे पर बने रहे जाम के हालात
कार्यक्रम के कारण रामपुर चुंगी पर जाम के हालात बन गए। क्योंकि एक और जहां कार्यकर्ताओं की भीड़ रामपुर चुंगी पर मौजूद थी। वहीं दूसरी ओर राहगीरों ने भी सड़क किनारे अपने वाहन खड़े कर दिए। इसके बाद कुछ पुलिसकर्मियों ने वाहनों को निकलवाकर जाम खुलवाया।