चंद्रशेखर ने घटनाक्रम को बेहद शर्मनाक बताया और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। चंद्रशेखर ने कहा कि पुलिस के कहने पर अस्पताल ने बच्ची को चंद घंटों में छुट्टी दे दी थी। इसमें पुलिस से ज्यादा अस्पताल की गलती है। कानून व्यवस्था के मामले में उन्होंने प्रदेश सरकार पर भी सवाल उठाए। अस्पताल में उन्होंने दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा से भी मुलाकात की और घटनाक्रम की जानकारी ली।
चंद्रशेखर ने जितेंद्र दास के गांव बसाण जाकर मृतक जितेंद्र के परिजनों को ढांढस बंधाया। आरोप है कि कुछ दिन पहले शादी समारोह में दबंगों के सामने कुर्सी पर बैठकर खाना खाने पर जितेंद्र के साथ मारपीट की गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस दौरान भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष मेघ सिंह, कैंपटी थाना प्रभारी एसएस जखमोला आदि उपस्थित रहे।
नैनबाग दुष्कर्म प्रकरण को लेकर समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य बेहद व्यथित हैं। इस मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर उनके मन में नाराजगी है। उनका कहना है कि जब वे पीड़ित परिवार से मिलने नैनबाग पहुंचे तो ये देखकर दंग रह गए कि पीड़ित बच्ची और दुष्कर्म के आरोपी को एक ही वाहन में ले जाया गया। पूरे हालातों से दुखी आर्य का कहना है कि इस मामले में उन्हें ऐसे लगा कि मानों संवेदनाएं खत्म हो गईं।
आर्य विधानसभा में अपने कक्ष में मीडिया कर्मियों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान जब उनसे नैनबाग दुष्कर्म प्रकरण के बारे में पूछा गया तो वे बेहद गंभीर हो गए। उन्होंने कहा, ‘मैं किसी को दोष नहीं दे रहा, लेकिन मेरा सोचना है कि संवेदनाओं को तोड़ने और उसकी सीमाओं को लांघने का हक न तो किसी अधिकारी को है, न समाज को। जब वे नैनीताल से पीड़ित परिवार के पास पहुंचे तो वहां का दृश्य काफी तकलीफ देने वाला था। लोगों में भारी गुस्सा था और पीड़ित परिवार गुमसुम था। ऐसे हालातों में पुलिस की भूमिका बहुत संतोषजनक नहीं थी।
उन्होंने डीजीपी से बात की कि लोगों को सीओ की तटस्थता पर संदेह है। इसलिए उन्हें बदला जाना चाहिए। बाद में डीजीपी ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि सीओ बदल दिए गए हैं। आर्य ने कहा कि एक ही वाहन में पीड़ित बच्ची और दुष्कर्म के आरोपी लाया गया। बच्ची दहशत में थी। वो बयान नहीं दे पाई। उसकी हालत भी खराब थी। ये वास्तव में व्यथित करने वाला था। आर्य ने कहा कि प्रकरण पर सरकार बहुत सचेत और गंभीर है। दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी।
समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ने साफ किया कि छात्रवृत्ति योजना की जांच में जिसके खिलाफ भी साक्ष्य मिलेंगे, उसके खिलाफ एसआईटी की कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि एसआईटी अपना काम कर रही है। मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
पीड़िता से मिलेंगी आयोग की सदस्य
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य स्वराज विद्वान बुधवार को देहरादून पहुंचेंगी और दून अस्पताल में भर्ती पीड़िता की कुशलक्षेम लेंगी। इस दौरान उनका पत्रकारों से भी मिलने का कार्यक्रम है। वे बीजापुर स्थित राज्य अतिथि गृह में पत्रकार वार्ता करेंगी। स्वराज नैनबाग दुष्कर्म प्रकरण की जांच के सिलसिले में आ रही हैं।