मानव संसाधन एवं विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (निशंक)
- फोटो : एएनआई
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय (भरसार विवि) जल्द केंद्रीय विश्वविद्यालय बन सकता है। इस पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कसरत शुरू कर दी है। राज्य सरकार से शुरुआत चरण की बातचीत भी हो गई है। जल्द इसकी आधिकारिक घोषणा हो सकती है।
दरअसल, भरसार विवि से केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक का खास जुड़ाव रहा है। जानकारी के मुताबिक, जिस जगह आज भरसार विवि है, वहां कभी एक बगीचा हुआ करता था। डॉ. निशंक के पिता स्व. परमानंद पोखरियाल वहां माली हुआ करते थे। डॉ. निशंक अपने पिता के साथ अक्सर वहां जाते थे।
उत्तर प्रदेश सरकार में जब डॉ. निशंक को जिम्मेदारी मिली तो उन्होंने इस जगह पर माली प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया। उसके बाद जब वह पर्वतीय विकास मंत्री बने तो उन्होंने इसे महाविद्यालय बनाया। उत्तराखंड के सीएम बनने के उन्होंने इस महाविद्यालय को भरसार विवि बनाया।
अब वह केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री हैं। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय में इस विवि को केंद्रीय दर्जा देने की शुरुआत हो गई है। इसके लिए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत से शुरुआती बातचीत पूरी हो चुकी है।
गढ़वाल विवि के बाद दूसरा केंद्रीय विवि
अभी तक उत्तराखंड में हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय चल रहा है। इसे वर्ष 2009 में केंद्रीय विवि का दर्जा मिला था। अगर भरसार विवि को भी केंद्रीय दर्जा मिलता है तो प्रदेश में केंद्रीय विवि की संख्या दो हो जाएगी।