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भराड़ीसैंण बजट सत्र: ऐतिहासिक फैसले के बाद कुछ सहज नजर आ रहे हैं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री

Fri, 06 Mar 2020 12:22 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला
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गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने के ऐतिहासिक फैसले के बाद कुछ सहज नजर आ रहे है मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अब तीखे सवालों सामना करने से नहीं हिचकिचा रहे हैं। सवाल चाहे ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा करते हुए भावुक होने का हो या इस सपने को हकीकत में उतारने के लिए जरूरी रोडमैप का।

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अमर उजाला से बातचीत में मुख्यमंत्री सहज और आत्मविश्वास से भरे हुए दिखाई दिए। ग्रीष्मकालीन राजधानी के सपने को अमलीजामा पहनाने के रोडमैप पर सीएम स्पष्ट नहीं बोले, लेकिन यह संकेत जरूर दे गए कि जिस अंदाज में ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा की, उसी अंदाज में वे रोडमैप सामने रख सकते हैं। पेश है बातचीत के चुनिंदा अंश।

सवाल: कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने जल्दबाजी में गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की घोषणा की है। आप क्या मानते हैं। 
जवाब: देखिए। सरकार के किसी भी काम विरोध करना विपक्ष का धर्म है। 2017 के विजन डाक्यूमेंट में हमने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की बात कही थी। इस पर सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की घोषणा की है। 
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सवाल : सरकार ने घोषणा कर दी। अब बुनियादी ढांचे को विकसित करने की क्या योजना है। 
जवाब : गैरसैंण में ग्रीष्मकालीन राजधानी के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार किया जाएगा। गैरसैंण में किस तरह से बुनियादी सुविधाओं का विकास कर सकते हैं। इसके लिए प्लानर और विशेषज्ञों से राय ली जाएगी। 

सवाल: क्या छह महीने सरकार गैरसैंण से चलेगी।
जवाब: अभी सरकार ने प्रदेश की जनभावनाओं के अनुरूप गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का निर्णय लिया है। यहां सरकार कितने दिन बैठेगी। यह भी समय आने पर बता देंगे।

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ये हैं कुछ और सवाल...

सवाल : सरकार के फैसले को स्थायी राजधानी की ओर बढ़ते कदम माना जाएगा।
जवाब : देखिए, अभी हमने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी की बात कही है। 

सवाल : कांग्रेस सत्ता में आने पर स्थायी राजधानी बनाने की बात कर रही है। आप क्या कहते हैं।
जवाब : कांग्रेस ने प्रदेश में 10 साल तक शासन किया। कांग्रेस सरकार में अनुभवी मुख्यमंत्री भी थे। तब गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने में कांग्रेस कहां थी। हमारी सरकार की सोच है कि राज्य का गठन दूरस्थ क्षेत्रों के विकास के लिए हुआ है। विकास सिर्फ देहरादून तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचना चाहिए। 

सवाल : ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा के समय सीएम का भावुक होना, कहां तक उचित है।
जवाब : राज्य गठन के संघर्ष की जब हम बात करते हैं तो आंदोलन के समय जिन लोगों ने बलिदान दिया है, उनकी तस्वीर व घटनाएं याद आती है। मुख्यमंत्री से पहले मैं एक इंसान हूं और इंसान का भावुक होना स्वाभाविक है।

सवाल : तीन साल के कार्यकाल में सरकार की क्या उपलब्धियां रही। 
जवाब : हमने तीन सालों के भीतर कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। जिसमें गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी का फैसला भी शामिल है। इसके साथ ही गुड गवर्नेंस, देवस्थानम बोर्ड, डीबीटी योजना, सचिवालय में ई-आफिस, ई-कैबिनेट के साथ फाइल का निस्तारण में तेजी लाई गई। 

सवाल : सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात कर रही है और आर्थिक सर्वे में कृषि विकास दर में कमी आई है। 
जवाब : तीन सालों में कृषि क्षेत्र में सबसे ज्यादा काम हुआ है। कृषि उत्पादन में राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर कृषि कर्मण पुरस्कार मिला है। डीबीटी से खादों का वितरण करने से सरकार ने 185 करोड़ के राजस्व की बचत हुई है। गन्ना किसानों के बकाया भुगतान के लिए प्राइवेट चीनी मिलों को साफ्ट लोन देने का निर्णय लिया गया। गेहूं व धान खरीद की ऑनलाइन पेमेंट की गई। सरकार का प्रयास है कि किसान का पसीना सूखने से पहले उसकी उपज का भुगतान होना चाहिए।

सवाल : महाकुंभ के लिए सरकार की क्या तैयारी है।
जवाब : कुंभ के लिए अस्थायी व स्थायी निर्माण कार्य चल रहे हैं। इसी साल जुलाई माह तक अधिकतर काम पूरे हो जाएंगे। केंद्र की वित्तीय सहायता से हरिद्वार में अंडर ग्राउंड केबिल डालने और एनएच पर काम काम किया जा रहा है। कुंभ मेला क्षेत्र को 600 से बढ़ा कर 1500 हेक्टेयर किया गया है। कुंभ में शाही स्नान के रोड को वन वे किया गया है। भीड़ को नियंत्रण करने के लिए इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम बनाया जाएगा।
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