बेटे को ही बुढ़ापे की लाठी कहने वालों का मुगालता देहरादून की मीना पंत से मिलकर जरूर दूर हो जाएगा।
मां-बाप को संभाला
भाई की मौत के बाद मीना ने मां-बाप को संभाला। शादी भी इस शर्त पर की कि उन्हें अपने मां-बाप की देखभाल से नहीं रोका जाएगा। अब वह मायके के साथ ससुराल की जिम्मेदारी निभा रही हैं।
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हाथीबड़कला निवासी मीना की मां जमुना पंत गर्व से कहती हैं... देखिए बहादुर है मेरी बेटी। पेशे से वकील मीना पंत की शख्सियत का हर पहलू महिला सशक्तिकरण की अनूठी मिसाल है। वे अपनी बुलेट पर भीड़ को चीरते हुए कचहरी पहुंचती हैं तो देखने वाले देखते ही रह जाते हैं।
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वे अच्छी वकील ही नहीं बेहतरीन खिलाड़ी भी रही हैं। उन्होंने 1994-95 में आंध्र प्रदेश में ताइक्वांडो में नेशनल चैंपियन जीती थी। 1998 में डीएवी कॉलेज से लॉ करने के बाद मीना भविष्य के सपने बुन ही रही थीं कि एक हादसे में 21 वर्षीय भाई धीरेंद्र की मौत हो गई।
बेटी पर गर्व
बड़ी बहन की शादी लखनऊ में हो गई थी। ऐसे में मां-बाप के देखभाल की जिम्मेदारी मीना पर आ गई। तीन बहन-भाइयों में सबसे छोटी मीना ने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। उन्होंने ठान लिया कि परिजनों की सेवा ही उनका जीवन है और वे शादी नहीं करेंगी।
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इस बात के लिए माता-पिता राजी नहीं थे, इसलिए उनकी इच्छा पूरी करने के लिए मीना को शादी करनी पड़ी। लेकिन शादी से पहले उन्होंने सुसराल वालों से साफ कह दिया कि वह मायके में रहकर मां-बाप की सेवा करेंगी।
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सुसराल वालों की मंजूरी पर 2002 में मीना ने हेमकुंज विजय पार्क निवासी ऋषि अरविंद पंत के साथ सात फेरे लिए। मीना की दो बेटियां हैं। पिता सीएम पंत और मां जमुना पंत को अपनी बेटी पर गर्व है। वे कहते हैं कि यही हमारी बेटी है और बेटा भी।
मीना बताती हैं कि परिजनों ने कभी बेटे और बेटी में भेदभाव नहीं किया। मां-बाप ने जिम्मेदारी निभाई अब उनकी बारी है।
सौ से अधिक लोगों ने भरे संकल्प पत्र
रविवार को बेटी ही बचाएगी अभियान के तहत राजधानी देहरादून में सौ से अधिक लोगों ने संकल्पपत्र भरे। टाउन हॉल में आयोजित शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल में पहुंचे लोगों ने अभियान में काफी रुचि दिखाई।
रविवार को परिवार संग शॉर्ट फिल्मों का आनंद लेने पहुंचे लोगों को जैसे ही अमर उजाला की मुहिम बेटी ही बचाएगी के तहत संकल्प पत्र थमाए गए, इन्होंने ना सिर्फ संकल्प पत्र भरे बल्कि दूसरे लोगों को भी इस दिशा में जागरूक करने की बात कही। यहां सौ से अधिक लोगों ने संकल्प पत्र भरे।