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गंगा घाट से बच्चे को उठा ले गई भिखारन, नाखून के निशान बयां कर रहे मासूम संग हुई यातना की कहानी  

Wed, 19 Jun 2019 01:32 PM IST
अलका त्यागी कुणाल दरगन, अमर उजाला, हरिद्वार
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अपहरण किया गया बच्चा अपने परिजनों के साथ - फोटो : अमर उजाला
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छह साल के मासूम कुणाल को यातना देने में भी भिखारी महिला ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। उसके हाथ और पांवों पर जगह जगह नाखूनों के निशान बता रहे कि मासूम को चुप कराने के लिए उसने शारीरिक प्रताड़ना दी। इसके बाद भी मासूम डरा नहीं और आखिर जब मौका मिला तो बेधड़क लोगों को आपबीती सुना दी। मासूम का यह हौसला ही उसे आजाद कराने में मददगार साबित हुआ। 

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शहर कोतवाली परिसर में जब पुलिस ने मासूम को उसकी मां के हवाले किया तो उसके चेहरे पर दहशत दिखाई दे रही थी। कुछ देर तक तो डर के मारे वह कुछ बोल ही नहीं पाया। मासूम के चेहरे पर अपने माता पिता से मिलने की खुशी थी तो भिखारिन के दिए जख्मों का खौफ भी।

क़ुणाल के पिता देवेंद्र का कहना था कि उसे सिर्फ इतना पता कि आरोपी महिला उसे पहले मोटरसाइकिल, कार और फिर ट्रेन में बिठाकर ले गई। कुणाल ने अपने पिता को बताया कि वह जब भी रोता तब आरोपी महिला उसके हाथ और पैर में नाखून गाड़कर चुप रहने को कहती थी। डरा सहमा बेटा चुप हो जाता था। देवेंद्र की मानें तो यदि उनके बेटे ने हिम्मत नहीं दिखाई होती तो शायद वह उनसे कभी नहीं मिल सकते थे।

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पिता बोले, मां गंगा ने लौटाया घर का चिराग

मां गंगा का ही आशीर्वाद है कि मेरा बेटा वापस लौट आया। मैं अब मां गंगा का अहसान कभी नहीं भूल सकता। यह कहते कहते कुणाल के पिता देवेंद्र, ताऊ राजेश, चाचा विजय, राकेश की आंखों से निकल गए। बोले कि एक बारगी उम्मीद कम थी कि उनका लाडला कभी मिल पाएगा। गंगा तट से ही उनका लाडला गायब हुआ। इसलिए मां गंगा से ही प्रार्थना कर रहे थे कि उनका बेटा लौट आए। इन लोगों का कहना था कि मां गंगा ने उनकी फरियाद सुन ली। 

भिखारिन की कुंडली खंगालेगी पुलिस
पेशे से भिखारिन वर्षा कही पेशेवर बच्चा चोर या फिर किसी गैंग से तो नहीं जुड़ी है। इसकी तस्दीक के लिए एक पुलिस टीम सोनीपत जाने की तैयारी कर रही है। हालांकि पुलिस की प्रारंभिक जांच में महिला ने कबूला कि उसने भीख मांगने के मकसद से बच्चा उठाया था।

आरोपी महिला का कहना था कि बच्चे के साथ होने पर लोग भीख आसानी से दे देते हैं। पूछताछ में उसने अपने पति से भी कोर्ट में वाद विचाराधीन होने की बात कही लेकिन पुलिस इसे हकीकत नहीं मान रही है। पुलिस की मानें तो महिला खानाबदोश है। वह सोनीपत की ही रहने वाली है या नहीं है, इस बारे में तस्दीक करने एक पुलिस टीम सोनीपत जाएगी।
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