लोहाघाट में विकासखंड बाराकोट के बौतड़ी गांव निवासी 11 वर्षीय बच्चा नहाते समय सरयू नदी में डूब गया। घर के इकलौते चिराग के नदी में डूबने से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
सूचना पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की रेस्क्यू टीम ग्रामीणों के सहयोग से बच्चे को तलाशने में जुटी हुई है। अभी तक उसका कोई पता नहीं चला है। बच्चे को तलाशने के लिए टनकपुर से गोताखोरों की टीम भी बुलाई गई है। खबर लिखे जाने तक ललित का पता नहीं चल पाया है।
बुधवार करीब 11 बजे बौतड़ी निवासी 11 वर्षीय ललित प्रसाद पुत्र राजेंद्र प्रसाद अपनी बहन ज्योति और साथी हिमांशु के साथ रामेश्वर घाट के समीप बौतड़ी वन विभाग की चौकी के पास सरयू नदी में नहाने गया था। नहाते समय अचानक वह नदी में बने गहरे गड्ढे में डूब गया। इस पर ज्योति और हिमांशु ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
ललित अपने घर का इकलौता पुत्र
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
ललित के नदी में डूबने के बाद वह चिल्लाते हुए गांव में पहुंचे। उन्होंने घटना की जानकारी ग्रामीणों और ललित के परिजनों को दी। सूचना मिलने पर ग्रामीण और पुलिस, फायर ब्रिगेड की रेस्क्यू टीम मौके में पहुंच गई।
उन्होंने बच्चे की खोजबीन शुरू कर दी। मौके में पहुंचे एसआई अरविंद कुमार ने बताया कि ललित अपने घर का इकलौता पुत्र है। उसके नदी में डूबने की सूचना पर सभी ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
ग्राम प्रधान सीता देवी, श्यामू राम, ललित सिंह, गोपाल सिंह, दीवानी राम, महेश राम, जोगा सिंह, शंकर राम आदि लोग ललित को ढूंढने में सहयोग कर रहे हैं। उसके पिता राजेंद्र प्रसाद बेटी की शादी का सामान खरीदने और अस्पताल में भर्ती पत्नी को लेने के लिए पिथौरागढ़ गए हुए थे।
आनी थी ललित के बहन की बारात
ग्रामीणों के अनुसार शुक्रवार को राजेंद्र प्रसाद की बेटी शांति की शादी थी। बृहस्पतिवार रात को उनके घर में मेंहदी की रस्म और महिला संगीत होना था।
शुक्रवार को पिथौरागढ़ के पीपली गांव से उसकी बारात आने वाली थी। मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करने वाले राजेंद्र अपनी बेटी के विवाह का सामान खरीदने और पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में भर्ती अपनी बीमार पत्नी को लेने पिथौरागढ़ गए थे। परिजन और पूरे गांव वाले शादी की तैयारियों में जुटे थे। इसी दौरान ललित के नदी में डूबने की खबर मिलते ही गांव में कोहराम मच गया।
अचानक हुए इस हादसे से सभी स्तब्ध हैं। पांच बहनों में सबसे छोटा ललित परिवार का इकलौता चिराग है। वह जीआईसी दुबौला पिथौरागढ़ में कक्षा छह में अध्ययनरत है। भतीजी की शादी के लिए शांति के चाचा दिवानी राम व अन्य लोग दिल्ली से आए हुए हैं।