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जहर खाने से पहले मदद के लिए उमेश ने पीएम मोदी को भी भेजा था खत, बहनोई ने खोले कई राज

Wed, 10 Jan 2018 02:11 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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प्रकाश का बहनोई
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जहर खाने से पहले मदद के लिए उमेश ने पीएम मोदी को भी खत लिखा था। लेकिन मदद न मिलने पर जब वह निराश हो गया तब जाकर उसने जहर खाने जैसा कदम उठाया। यह बात उमेश के बहनोई ने उनकी मौत के बाद बताई।

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बताया कि उसने मुझे भी मैसेज किया था। लिखा था सॉरी उमेश! मैं तुम्हारे पैसे नहीं लौटा सकूंगा... जहर खाकर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के जनता दरबार में पहुंचने से चंद मिनट पहले हल्द्वानी के ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडेय ने अपने बहनोई उमेश मेलकानी को यह मैसेज भेजा था।

हालांकि उमेश ने यह मैसेज उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलने के बाद पढ़ा। प्रकाश की मौत के बाद रोते हुए उन्होंने कहा कि 30 हजार क्या, हम तीन लाख रुपये की मदद भी करते, लेकिन प्रकाश ऐसा कदम तो न उठाते।

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सोशल मीडिया पर भी बयां करते थे अपना दर्द

मंगलवार को प्रकाश पांडेय की मौत के बाद उनके बहनोई उमेश मेलकानी ने बताया कि वह बहुत ही जिंदा दिल इंसान थे। किसी भी तरह की दिक्कतों का हंसकर सामना करते थे। अन्य सभी रिश्तेदारों और दोस्तों को भी खुश रखते थे।

लेकिन नोटबंदी और जीएसटी के बाद उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ। इससे वह अक्सर परेशान रहने लगे थे। वह अपनी पीड़ा को फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया के जरिये बयां भी करते रहते थे।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने के अलावा ट्वीट भी किया था, जिसके बाद पीएमओ से जवाब भी आया था, हालांकि कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे वह ज्यादा निराश हो गए। बताया कि इतना कुछ होने के बाद भी प्रकाश ने घर पर इसका असर नहीं पड़ने दिया। कुछ समय पहले प्रकाश के सामने तंगी बढ़ी तो बहन ने बहनोई उमेश को मदद के लिए कहा, इस पर उमेश ने 30 हजार रुपये प्रकाश को दिए थे।
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नहीं खुल पाया वीरेंद्र का राज

चार ट्रक हैं लेकिन सब खड़े हैं
मृतक प्रकाश के मकान मालिक और साथी ट्रांसपोर्टर सुशील थापा ने बताया कि गौला नदी में खनन कारोबार में प्रकाश का एक भी ट्रक रजिस्टर्ड नहीं हो पाया, उनके चारों ट्रक खड़े हो गए। गौला में खनन के सीजन में हर ट्रांसपोर्टर काम की उम्मीद करता है, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। इसके कारण उन लोगों की दिक्कतें ज्यादा बढ़ गई हैं।

नहीं खुल पाया वीरेंद्र का राज
मृतक प्रकाश पांडेय ने जहर खाने के बाद एक वीडियो बनाया था। इस वीडियों में वह किसी वीरेंद्र भाई को संबोधित करते हुए अपनी आपबीती सुना रहे हैं। यह वीरेंद्र भाई कौन हैं, ये रहस्य बना हुआ है। मृतक के मकान मालिक और साथी ट्रांसपोटर्र सुशील थापा, बहनोई उमेश मेलकानी, चचेरे भाईयों और साले में से किसी को भी वीरेंद्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

बिजली के बिल के लिए मांगे पैसे
प्रकाश के चचेरे भाईयों ने बताया कि पैसे की तंगी के बावजूद भाई घर पर इसका जिक्र नहीं करते थे। कुछ समय पूर्व बिजली के बिल के लिए घरवालों ने पैसे मांगे तो प्रकाश ने दे दिए थे। इस पर उन्हें अहसास हुआ कि भाई के सामने इन दिनों दिक्कत है, इसलिए उनसे रुपये नहीं मांगने चाहिए थे। बताया कि भाई दिक्कत में था, इसके बावजूद उन्होंने कभी घर पर नहीं बताया, ताकि वो परेशान न हों।
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