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सेना का हिस्सा बनकर देश की रक्षा करेंगी देवभूमि की बेटियां

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बालावाला स्थित एसबीएस मेडिकल कालेज मैदान में सैन्य भर्ती के लिए बालिकाओं को प्रशिक्षण देते यूथ ?
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पहाड़ की वीरांगनाओं ने सेना में जाने के लिए कड़ी तैयारी शुरू कर दी है। देवभूमि की बेटियां सेना की वर्दी पहनकर सुरक्षा का जिम्मा उठाने के लिए खुद को तैयार कर रही हैं। खुद को सक्षम साबित करने के लिए इन बेटियों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। इन बेटियों को न सोने की चिंता है न खाने कि फिक्र। इनका बस एक ही लक्ष्य है सेना का हिस्सा बन समाज और देश की सेवा करना।
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यूथ फाउंडेशन की ओर से बालावाला स्थित सरदार भगवानदास सिंह विवि में कैंप का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें महिला सैन्य पुलिस में भर्ती होने के लिए तैयारी कराई जा रही है। इस कैंप में पौड़ी, टिहरी, चमोली समेत अन्य जिलों से करीब दो सौ बालिकाओं को भर्ती पूर्व प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कैंप में पहुंची इन बालिकाओं में सेना में जाकर देश सेवा करने का जुनून है। बालिकाओं को सेना के गौरवशाली इतिहास की जानकारी देने के साथ ही कोच रेखा अग्निहोत्री व जसवंत सिंह बालिकाओं को फिजिकल की तैयारी करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जो बालिकाएं फिजिकल पास कर लेंगी, उन्हें लिखित परीक्षा के लिए तैयारी कराई जाएगी।
निशुल्क दिया जा रहा प्रशिक्षण
यूथ फाउंडेशन के कैप्टन ताजबर सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से अभी भी बालिकाएं रजिस्ट्रेशन कराने पहुंच रही हैं। प्रशिक्षण के लिए मानक पूरे करने बाद ही पर उनका चयन किया जा रहा है। अधिकतर बालिकाएं ऊंचाई कम होने और अंडर व ओवरएज के कारण नहीं चुनी जा रही हैं। प्रशिक्षण कैंप में निशुल्क रहने और खाने की व्यवस्था भी है।
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फाउंडेशन में 2017 में की थी घोषणा
यूथ फाउंडेशन ने लड़कियों के लिए सेना भर्ती पूर्व प्रशिक्षण कैंप चलाने की घोषणा साल 2017 में की थी। जिसके तहत गढ़वाल और कुमाऊं में कैंप लगाए जा रहे हैं। ट्रेनिंग में लड़कियों को सेना पुलिस भर्ती की ट्रेनिंग देकर तैयार किया जा रहा है। यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि कैंप में नारी शक्ति के सामर्थ्य को समझकर उसे तराशने का काम किया जा रहा है। उम्मीद है जल्द ही हमारी बेटियां सेना पुलिस का हिस्सा बनकर देश की सेवा में योगदान देंगी।
ये है सेना में भर्ती के लिए योग्यता
भर्ती के लिए बालिकाओं की न्यूनतम आयु साढ़े 17 साल और अधिकतम आयु 21 साल निर्धारित है। शैक्षिक योग्यता में कम से कम 45 फीसदी नंबरों के साथ 10वीं पास या समकक्ष होना अनिवार्य है। पहले कॉमन एंट्रेंस टेस्ट देना होगा। उसके बाद फिजिकल एफिशियंसी टेस्ट (पीईटी) होगा।
खुद को साबित करना चाहती हैं सक्षम
- सेना में महिलाओं की भर्ती न होने के कारण मन में एक कसक रहती थी। जब सरकार ने सेना में महिलाओं की भर्ती को अनुमित दी तो सेना में जाने की इच्छा को बल मिला। अब कड़ी मेहनत कर सेना में भर्ती होकर खुद को परिजनों के सामने सक्षम साबित करना हैं। - रेनू , चमोली
- दादा जी शूरवीर सिंह गढ़वाल राइफल्स में थे। उन्हें सेना की वर्दी में देखकर बचपन से ही देश की सेवा करने का मन बना लिया था। 10 साल की उम्र से दौड़ भी लगाने शुरू कर दी थी। अब सेना में भर्ती के लिए यूथ फाउंडेशन प्रशिक्षण ले रही हूं। यहां आकर काफी उत्साहित हूं। - रितिका, पौड़ी
- पापा आर्मी से रिटायर्ड ऑफिसर हैं। पापा को देखकर लगता था कि मुझे भी पापा की ही तहत देश की सेवा करनी है। उनको अपना आदर्श मानकर सेना में जाने के लिए तैयारी कर रही हूं। उम्मीद है कि देश सेवा का मेरा सपना पूरा होगा। - सिमरन रावत
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