अब किशोरों को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करने के लिए फेसबुक, ट्वीटर, व्हाट्स ऐप जैसे सोशल नेटवर्किंग के माध्यम से संपर्क साधा जाएगा।
किशोरों के लिए विशेष योजना
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अब किशोरों के लिए अलग से राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य योजना (आरकेएसके) शुरू की जा रही है।
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योजना के तहत मानसिक स्वास्थ्य, पोषण, असंक्रमणीय रोग, यौन स्वास्थ्य से संबंधित जागरूकता व उपचार का प्रावधान रहेगा।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अगले वित्तीय वर्ष से मिशन केतहत आरकेएसके की योजना भेजने के निर्देश दिए हैं। किशोरों में होने वाले स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर एक अलग से कार्यक्रम तैयार किया गया है।
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सैक्सुअल एंड रिप्रोडेक्टिव हेल्थ को इस कार्यक्रम में प्रमुखता से शामिल किया गया है। इसके तहत किशोरों के लिए जनपद मुख्यालय में किशोर क्लीनिक बनाए जाने की व्यवस्था है। क्लीनिक के साथ किशोरों में होने वाली सैक्स से संबंधित उत्सुकता के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया जाएगा।
व्यय के ब्यौरे पर विचार विमर्श
किशोरों में बढ़ते यौन हिंसा के मामलों को रोकने के लिए कार्यक्रम के तहत जागरुकता योजनाएं बनाई जाएंगी। 7 जनवरी को केंद्र में कार्यक्रम की शुरुआत के बाद अब स्वास्थ्य परिवार कल्याण महानिदेशालय में आरकेएसके की पहली बैठक संपन्न हो गई है।
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बैठक में मिशन के तहत वर्ष 2014-15 के भेजे जाने वाले प्लान में होने वाले व्यय के ब्यौरे पर विचार विमर्श हुआ है। जनपदों पर क्लीनिक स्थापित किये जाने हैं और प्रत्येक ब्लाक में चिकित्सक दल गठित होंगे।