क्रिकेट प्रशासक समिति (सीओए) से उत्तराखंड क्रिकेट को हरी झंडी मिलने के बाद प्रदेश में महिला और पुरुषों की मिलाकार नौ टीमें बनाई जाएंगी।
इनमें दो रणजी टीमें, क्योंकि इस सत्र से बीसीसीआई के क्रिकेट कैलेंडर में महिलाओं के भी रणजी मैच होने पर सहमति बन गई है। इसके अलावा पुरुषों की पांच टीमें अंडर-14, 16, 19 और अंडर-23 की बनाई जाएगी। जबकि महिलाओं की रणजी के अलावा अंडर-16, 19 और 23 टीम होगी। हालांकि इस बारे में आगामी 22 या 24 जून को होने वाली बीसीसीआई की एजीएम में सबकुछ तय हो जाएगा। इसी बैठक में नए क्रिकेट कैलेंडर पर भी मुहर लगनी है।
गवर्निंग काउंसिल के समक्ष सबसे पहले जल्द से जल्द 13 के 13 जिलों में ट्रायल कराने की जिम्मेदारी होगी, ताकि क्रिकेट सत्र शुरू होने से पहले सभी प्रारूपों की 16 सदस्यीय टीम गठित हो जाए और सभी खिलाड़ी प्रैक्टिस में भी आ जाएं। हालांकि पिछले दिनों दोनों ही एसोसिएशनों की ओर से आयोजित टूर्नामेंटों को देखते हुए टीमें बनाना मुश्किल काम नहीं लग रहा है। पर मानसून के दौरान प्रैक्टिस में थोड़ी दिक्कत आएगी। वहीं महिला क्रिकेट की बात करें तो प्रदेश में कई क्रिकेट प्रशिक्षक हैं जो महिलाओं को क्रिकेट के गुर सिखा रहे हैं। ऐसे में महिला क्रिकेट खिलाड़ियों की टीम बनाने में गवर्निंग काउंसिल को कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए। नौ टीमों की बात करें तो 16 सदस्यीय टीम के हिसाब से गवर्निंग काउंसिल को महिला और पुरुष मिलाकर 144 खिलाड़ी तैयार करने पड़ेंगे।
क्रिकेट कैलेंडर का दबाव आया काम
प्रदेश में क्रिकेट के हित में चारों क्रिकेट एसोसिएशन में से कोई भी विलेन बनना नहीं चाह रहा था। यही वजह है कि निजी हित दरकिनार करके सीओए की पहल पर सभी गवर्निंग काउंसिल की बात पर सहमत हो गए। दरअसल आगामी 22 और 24 जून को बीसीसीआई की एजीएम में बोर्ड की टून एंड फिक्चर कमेटी भी शामिल होगी जो क्रिकेट कैलेंडर बोर्ड के सदस्यों के सामने रखेगी। ऐसे में अगर एक दो दिन के भीतर उत्तराखंड क्रिकेट पर फैसला नहीं लिया जाता तो इस क्रिकेट सत्र में भी उत्तराखंड के खिलाड़ियों को बोर्ड के टूर्नामेंट खेलने का मौका नहीं मिलता। यही वजह है कि चारों क्रिकेट एसोसिएशन जब एक साथ आने को तैयार नहीं हुई तो सीओए ने गवर्निंग काउंसिल की गेंद चारों क्रिकेट एसोसिएशन की ओर फेंकी, जिसे मजबूरन सभी क्रिकेट एसोसिएशन को एक साथ आकर लपकना पड़ा।
पर्वतीय जिलों में भी व्यवस्थाएं होंगी दुरुस्त
उत्तराखंड क्रिकेट को सीओए से मान्यता मिलने के बाद उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भी बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा होगा। प्रदेश में कार्यरत क्रिकेट एसोसिएशनों का फोकस अभी तक मैदानी क्षेत्रों तक ही सीमित था। ऐसे में पर्वतीय जिले उम्दा दर्जे की खेल सुविधा से वंचित थे, पर अब ऐसा नहीं होगा गवर्निंग काउंसिल हर जिले में जाकर क्रिकेट की बेहतरी के लिए काम करेगी। इसकी संभावना इस वजह से और बढ़ जाती है, क्योंकि गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष बनाए गए प्रो. रत्नाकर सेट्टी बीसीसीआई के क्रिकेट डेवलपर कमेटी के जनरल मैनेजर भी हैं।