फिल्म में प्रदेश की लोकल भाषा के ज्यादा इस्तेमाल से दर्शक बोर भी हुए। लेकिन, कहानी ने दर्शकों को अंत तक फिल्म से जोडे़ रखा। यह पहला ऐसा मौका था, जब गढ़वाली और कुमाऊनी भाषा का इस्तेमाल बडे़ पर्दे पर लोगों को देखने को मिला। शाहिद और श्रद्धा के साथ फिल्म में सभी किरदार ठहरा और बल लगाते नजर आए।
परिवार संग फिल्म देखने गए सक्षम
फिल्म में शाहिद कपूर के बचपन का किरादार निभाने वाले दून के सक्षम परिवार के साथ फिल्म देखने गए। सक्षम की माता मौलश्री उनियाल ने बताया कि परिवार के सभी लोगों को फिल्म का बेसब्री से इंतजार था। बेटे को पड़े पर्दे पर देख परिवार के लोग बहुत खुश हुए। उन्होंने कहा कि बेटे ने परिवार को एक नई पहचान दिलाने का काम किया है। सक्षम ने माता पिता, नाना नानी, दादा दादी और मित्रों के साथ फिल्म देखी।
फिल्म देखने नहीं जा पाई स्वर्णिम
फिल्म में श्रद्धा कपूर का किरदार निभाने वाली दून की स्वर्णिम सेठी शुक्रवार को काफी खुश दिखाई दीं। हालांकि परीक्षा के कारण फिल्म नहीं देख पाने का मलाल भी उनके चेहरे पर साफ दिखाई दिया। स्वर्णिम की माता ज्योति सेठी ने बताया कि परिवार के सभी सदस्य फिल्म को लेकर काफी खुश हैं। बताया कि परीक्षा के बाद परिवार के साथ स्वर्णिम और उसके दोस्त फिल्म देखने जाएंगे। बताया कि 29 सितंबर को स्वर्णिम की कक्षा सात की परीक्षा समाप्त हो रही है।
मूवी बहुत अच्छी है, हमने काफी एंजॉय किया। शाहिद और श्रद्धा की जोड़ी एक साथ पर्दे पर काफी जम रही है। हम दोनों की मूवी एक बार फिर देखना चाहेंगे। - सक्षम
मूवी अच्छी रही पर बल और ठहरा का इस्तेमाल बार बार किया गया है। इस वजह से मूवी हमारे लिया थोड़ी बोरिंग हो गई। - कुसुम भट्ट
यह फिल्म बिजली की समस्या और बिजली कंपनियों के भ्रष्टाचार के विषय पर बनी है। यह समस्या हम लोगों के लिए आम है। फिल्म को हम आम जिंदगी से रिलेट कर पा रहे है। - शशांक
फिल्म में टिहरी झील को बेहतर तरीके से दिखाया गया है। इसके अलावा हमें फिल्म के गाने भी काफी पसंद आए। - राजकुमार