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Vasant Panchami: 23 को सर्वार्थ सिद्धि व चतुर्ग्रही योग में मनेगी वसंत पंचमी, ऐसे करें पूजन, जानें शुभ मुहूर्त

Tue, 20 Jan 2026 10:50 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की

सार

इस वर्ष वसंत पंचमी सर्वार्थ सिद्धि योग एवं चतुर्ग्रही योग में पड़ रही है। शुक्रवार के दिन पर्व होने से इस बार माता सरस्वती के साथ-साथ माता लक्ष्मी की विशेष कृपा भी प्राप्त होने का योग बन रहा है।
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वसंत पंचमी 2026 - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाने वाली वसंत पंचमी इस वर्ष 23 जनवरी को श्रद्धा और विशेष योगों के साथ मनाई जाएगी। इसे श्री पंचमी एवं सरस्वती पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन वाणी की देवी माता सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। 

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आईआईटी स्थित सरस्वती मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित राकेश शुक्ला के अनुसार इस वर्ष वसंत पंचमी सर्वार्थ सिद्धि योग एवं चतुर्ग्रही योग में पड़ रही है। शुक्रवार के दिन पर्व होने से इस बार माता सरस्वती के साथ-साथ माता लक्ष्मी की विशेष कृपा भी प्राप्त होने का योग बन रहा है।

यह पर्व विशेष रूप से विद्यार्थी वर्ग, व्यापारी वर्ग, कला, संगीत और सृजन से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत शुभ होगा। हालांकि शास्त्रों में वसंत पंचमी को सिद्ध दिवस माना गया है। सामान्यतः इस दिन बिना मुहूर्त विवाह सहित शुभ कार्य किए जाते हैं लेकिन इस वर्ष शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण विवाह, गृह प्रवेश, उपनयन, मुंडन एवं यज्ञोपवीत जैसे मांगलिक कार्यों पर निषेध रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 31 जनवरी 2026 को शुक्र ग्रह के उदय के बाद ही शुभ कार्यों का शुभारंभ हो सकेगा।
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सुबह 7:15 बजे से शुरू होगा पूजन का मुहूर्त
वसंत पंचमी पर पूजा का सर्वोत्तम समय प्रातः लगभग 7:15 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक होगा। वैसे तो पूरे दिन माता शक्ति की पूजा का विधान है, लेकिन शुभ मुहूर्त में पूजन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

इस तरह करें पूजन
इस दिन माता सरस्वती की पीले पुष्पों, पीले चावल, पीले वस्त्र एवं पीले मिष्ठान से पूजा करने का विधान है। साथ ही मंत्र जाप, वाद्य यंत्रों की पूजा एवं दान करने से विद्या, बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि होती है। विद्यार्थी वर्ग द्वारा पुस्तकों और लेखन सामग्री की पूजा को भी शुभ माना गया है।
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