जिलाधिकारी की ओर से रजिस्ट्री पंजीकरण के लिए नए नियम लागू करने पर बार बार एसोसिएशन भड़क गया। बार एसोसिएशन ने विरोध में रजिस्ट्रार कार्यालय में ताला जड़ दिया। चेतावनी दी कि जब तक जिलाधिकारी की ओर से आदेश वापस नहीं लिया जाएगा। तब तक रजिस्ट्री कार्यालय में कोई कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
दरअसल, जिलाधिकारी ने रजिस्ट्री करवाने के लिए 12 साल का रिकार्ड व खतौनी अपलोड करने की शर्त लगा दी है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि नया नियम लागू करने से पहले इसके लिए अधिवक्ताओं को कोई प्रशिक्षण नहीं दिया गया। कहा कि तहसील के रिकार्ड रूम की स्थिति पहले ही खराब चल रही है।
प्रतिदिन 100 रजिस्ट्री होती है, ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में दस्तावेजों को निकालकर अपलोड करना तर्क संगत नहीं है। कहा कि इस मामले में एडीएम वित्त से वार्ता हुई थी। मंगलवार को वह बार भवन में अधिवक्ताओं को प्रशिक्षित करेंगे। यदि अधिवक्ताओं को लगे कि आदेश व्यवहारिक नहीं है तो इसका विरोध जारी रहेगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों व सदस्यों को संदेश जारी किया है कि जब तक जिलाधिकारी की ओर से आदेश को वापस नहीं लिया जाता, तब तक रजिस्ट्रार कार्यालय में कोई कार्य नहीं किया जाएगा। अधिवक्ताओं और बार एसोसिएशन के इस चेतावनी से सरकार को करोड़ रुपये के राजस्व की हानि होने की संभावना है।