फरवरी माह अंत में बैंकों की हड़ताल हलकान करने वाली है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने 25-28 फरवरी तक हड़ताल का निर्णय लिया है।
लगातार पांच दिन बंद रहेंगे बैंक
चार दिन की हड़ताल के बाद एक मार्च को रविवार पड़ने की वजह से बैंक लगातार पांच दिन बंद रहेंगे। इससे करोड़ों का लेन-देन तो प्रभावित होगा ही। एटीएम के भी बाधित होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ेगी।
यूएफबीयू की वेतन संशोधन की मांग का आखिरकार वही हश्र हुआ, जिसका अंदेशा था। मंगलवार को बात-चीत में इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) साढ़े 12 प्रतिशत वेतन बढ़ोत्तरी से महज 0.5 फीसदी आगे बढ़ी, लेकिन फोरम को 13 फीसदी की यह बढ़ोत्तरी को मंजूर नहीं।
यूएफबीयू के प्रदेश संयोजक जगमोहन मेहंदीरत्ता के मुताबिक फोरम पहले ही 25 फीसदी वेतन बढ़ोत्तरी से 19 प्रतिशत तक की बात पर आ चुका है। इससे अधिक अब संभव नहीं है। अब आर-पार की लड़ाई होगी।
प्रदेश की डेढ़ हजार से ज्यादा शाखाएं होंगी शामिल
बैंकों की इस हड़ताल में सरकारी और निजी बैंकों की प्रदेश में डेढ़ हजार से अधिक शाखाएं शामिल होंगी। एक दिन की हड़ताल से प्रदेश में तकरीबन 200 करोड़ का लेन-देन प्रभावित होता है।
आने वाली 16 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल
यूएफबीयू 25 फरवरी से प्रस्तावित इस हड़ताल के बाद 16 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेगा। बुधवार को मांगाें को लेकर बैंक कर्मियों का धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम जारी किया जाएगा।