वह गारंटर के दस्तावेजों में धांधली कर उनके नाम पर लोन स्वीकृत कराता था। इसके बाद लोन की रकम को हड़प कर जाता था। पुलिस के अनुसार वंशीधर करीब आधा दर्जन लोगों के साथ इसी तरह से धोखाधड़ी कर चुका है। ऐसे ही एक पीड़ित तुपेड़ निवासी अशोक खेतवाल की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बिलौना स्थित घर से वंशीधर को गिरफ्तार कर लिया है।
गारंटर बनने के लिए किसी व्यक्ति को राजी करने के बाद वंशीधर उसके नाम से ऋण आवेदन करवा बैंक अकाउंट, समेत अन्य दस्तावेजों में कथित गारंटर के साइन करवा लेता था। वह अधिकांशत: ऋण मशीन, कार, उपकरणों की खरीद पर दिलाता था। इस प्रकार के लोन में उपकरण, मशीन बेचने वाले फर्म की कोटेशन होती है। इसी कोटेशन के आधार पर बैंक बेचने वाले फर्म के खाते में रकम हस्तांतरित कर देता है। फिर वह फर्म से मिलीभगत कर रकम की बंदरबांट कर जाता था।
- अशोक खेतवाल- 8 लाख
- हरीश राम- 14 लाख
- भाष्करानंद पाठक- 15 लाख
- रेखा पाठक- 5 लाख
- ममता पाठक- 3 लाख
- शिव सिंह परिहार- 15 लाख
- मोहनी देवी- 15 लाख
बैंकों की भूमिका संदिग्ध
पुलिस के अनुसार इस मामले में बैंकों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। पुलिस को शक है कि इसमें बैंक के किसी कर्मचारी की भी मिलीभगत हो सकती है। पुलिस एक बैंक के प्रबंधक की भी जांच कर रही है।