इस बीच तामली थाने से अशोक सिंह, मोहन सिंह, मोहन जोशी और चंपावत कोतवाली से पहुंची टीम ने मंच के पूर्व ग्राम प्रधान अर्जुन सिंह, बची सिंह सहित तमाम ग्रामीणों के सहयोग से दोनों को खाई से निकाला। बैंक गार्ड की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि मनोज सिंह ने चंपावत जिला अस्पताल लाते रास्ते में दम तोड़ दिया। मनोज बारहमासी मार्ग में शिवालय कंपनी में भी ड्राइविंग करता था। हादसे की जानकारी लगते ही तमाम बैंक कर्मी रात में ही अस्पताल पहुंचे।
चतुरबोट दुर्घटना में मारे गए चालक मनोज उर्फ माइकल का तीन वर्ष पूर्व विवाह हुआ था। उसके एक बेटी और एक बेटा है। दुर्घटना के बाद से ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। बैंक गार्ड पूरन नाथ अपने पीछे एक पुत्र और चार पुत्रियों को रोता बिलखता छोड़ गए हैं। पूर्व फौजी रहे बैंक गार्ड पूरन नाथ को इसी साल मार्च में रिटायर होना था। पूरन नाथ का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को होगा।
रात में बंद नहीं होता है आवागमन
चंपावत सहित पहाड़ के जिलों में रात को आवाजाही पर रोक है। रात आठ बजे से सुबह छह बजे तक आवाजाही प्रतिबंधित है। इस नियम का राष्ट्रीय राजमार्ग में सख्ताई से पालन भी होता है, मगर सीएमटी मार्ग में रात को हुई आवाजाही इस रोक पर सवाल खड़ा करती है। इधर, डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय का कहना है कि विशेष परिस्थितियों को छोड़ रात में आवाजाही प्रतिबंधित है। इस बात का पता लगा जाएगा कि सीएमटी मार्ग में रात के वक्त आवाजाही कैसे हो रही थी।