उत्तराखंड में नेपाल सीमा क्षेत्र से लगे धारचूला के झूलाघाट कस्बे में बिना पासपोर्ट व वीजा के घूमते पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पांच साल के सश्रम कारावास की सजा और पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
नेपाल सीमा से लगे झूलाघाट कस्बे से 29 जुलाई 2019 को बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद रजाक बिना पासपोर्ट और वीजा के घूमते हुए पकड़ा गया था। अभियुक्त का न्यायालय में विचारण चला, जिसमें राज्य की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी रितेश वर्मा ने पैरवी की।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधीर तोमर ने बहस सुनने के बाद अभियुक्त मोहम्मद रजाक को धारा-12 और धारा-13 पासपोर्ट अधिनियम के तरह दोषी पाते हुए दो वर्ष का सश्रम कारावास और धार 14क विदेशियों विषयक अधिनियम 1946 के तहत दोषी पाते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियुक्त को अर्थदंड नहीं देने पर एक माह के साधारण कारावास की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।