एलआईयू उसे लंढौरा पुलिस चौकी लेकर पहुंची और पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने बताया कि वह वर्ष 2014 में अवैध तरीके से भारत में घुसा था। इसके बाद वह दिल्ली पहुंचा और फिर लंढौरा। यहां उसने एक क्लीनिक शुरू किया और स्थानीय युवती से शादी भी कर ली। इसके बाद एलआईयू ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जेल से छूटने के बाद एलआईयू उसे बांग्लादेश की सीमा पर छोड़कर आई थी, लेकिन फिर वापस आकर वह दिल्ली में रहने लगा था। वहां से कुछ दिन पूर्व ही अपनी पत्नी और बेटियों से मिलने लंढौरा आया था।
इंस्पेक्टर गिरीश चंद शर्मा ने बताया कि एलआईयू के उपनिरीक्षक मोहम्मद गुलफाम की तहरीर पर बांग्लादेशी नागरिक के खिलाफ विदेशी अधिनियम, पासपोर्ट अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जानकारी जुटाई जा रही है कि उसने यहां का राशन कार्ड या आधार तो नहीं बनवाया है।