सहकारिता विभाग की ओर से प्रदेशभर के जिला सहकारी बैंकों (डीसीबी) में कराई जा रही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के चार सौ पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू से ही विवादों में रही है। पिछली सरकार में मंत्री से लेकर विधायक तक भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठा चुके हैं। कई अभ्यर्थियों की ओर से मुख्यमंत्री पोटर्ल और दूसरे माध्यमों से भाई-भतीजावाद के साथ पैसों के लेन-देन तक के आरोप लगाए गए हैं। पूरी भर्ती प्रक्रिया जिला सहकारिता बैंक के चेयरमैन, महाप्रबंधक और जिला सहायक निबंधक की देखरेख में पूरी की जा रही थी।
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संविदा पर तैनात कर्मी की पत्नी और साली का भी चयन
नौ डीसीबी में से तीन जिलों देहरादून, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ ने रिजल्ट जारी कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, इनमें देहरादून जिले में एक मामला ऐसा भी आया जहां डीसीबी देहरादून में संविदा पर तैनात एक कर्मी की पत्नी और साली दोनों का चयन किया गया है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे हैं।