उत्तराखंड परिवहन निगम में 300 नियमित चालकों की भर्ती पर रोक लगा दी गई है। काम चलाने के लिए निजी एजेंसी से चालक और परिचालक आउटसोर्स किए जाएंगे।
बुधवार रात हुई बैठक में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस संबंध में निर्देश जारी कि ए। तर्क यह दिया गया कि परिवहन निगम की वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं है, जिससे नई भर्ती नहीं की जा सकती।
रोडवेज कर्मियों ने आउटसोर्सिंग से रखे गए चालकों को नियमित करने की मांग को लेकर 17 सितंबर से तीन दिवसीय हड़ताल की घोषणा की है। परिवहन निगम की बैठक में विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करने के बाद नियमित चालकों की भर्ती पर मुख्यमंत्री ने रोक लगाने का आदेश दिया। बैठक में परिवहन मंत्री नव प्रभात, परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार संत, महाप्रबंधक दीपक जैन मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम की बसों के संचालन में किसी प्रकार की दिक्कत न आए, इसलिए किसी निजी एजेंसी से संपर्क करके आउटसोर्सिंग पर चालक-परिचालकों की व्यवस्था कर ली जाए। वहीं कर्मचारी यूनियन के कुछ नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री के भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने के संबंध में अंतिम निर्णय बृहस्पतिवार की बैठक में लिया जाएगा।
बता दें कि निगम में आउटसोर्स से रखे गए चालक नियमितीकरण की मांग पर अड़े हुए हैं। निगम ने चालकों की जो भर्ती निकाली थी, उसमें आउटसोर्स पर रखे गए चालकों को समायोजित करने की मांग की जा रही है। ऐसा न होने पर 17 सितंबर से हड़ताल की घोषणा की गई है। इससे बसों की व्यवस्था ठप पड़ सकती है।
मुख्यमंत्री ने कर्मचारी यूनियन की मांग पर मंत्री और रोडवेज अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। परिवहन मंत्री नवप्रभात ने बताया कि गुरुवार को मामले में परिवहन सचिव स्तर पर बैठक होगी। दूसरी तरफ चालक महासंघ के नेताओं ने मुख्य सचिव से भेंटकर वर्दी, वेतनमान के संबंध में मांगपत्र सौंपा।