शिक्षा विभाग में अनुरोध के आधार पर तबादलों की ऑनलाइन प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने यमुना कॉलोनी स्थित आवास में पत्रकारों से बातचीत में दी जानकारी दी।
उन्होंने कहा तबादलों के लिए बड़े पैमाने पर शिक्षक फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। किसी ने फर्जी तलाक लिया तो किसी ने फर्जी मेडिकल बनवाएं। स्टेट मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह बोर्ड की रिपोर्ट का भी परिक्षण करेंगे। केवल गंभीर बीमार शिक्षकों का ही तबादला किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अब छुट्टी लेने के लिए शिक्षकों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग ने उज्जवल सेवा एप तैयार की है। इस एप में शिक्षकों को छुट्टी के लिए एप्लीकेशन अपलोड करना होगा।
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि उत्तर प्रदेश जाने वाले कुछ शिक्षकों ने घूस देकर एनओसी बनाई। एनओसी के लिए उन्होंने अधिकारियों को घूस दी। ऐसे सभी शिक्षकों की फाइल रोकी गई है और अधिकारियों को पद से हटा दिया गया है।
सर्व शिक्षा अभियान के शिक्षकों को चार माह से वेतन न मिलने पर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा जब तक केंद्र से बजट नहीं मिलता, तब तक राज्य खुद शिक्षकों की तनख्वाह के लिए पैसा देगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब स्कूलों में शिक्षकों और प्रधानाध्यापक के रहने की भी व्यवस्था होगी। नई बिल्डिंग के प्रस्ताव में आवासीय व्यवस्था का भी प्रपोजल बन रहा है। यह प्रपोजल जल्द ही केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि इस बाबत मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। अगले सत्र से सभी स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू होगा।