नैनीताल हाईकोर्ट ने 6214 गेस्ट टीचरों की नियुक्ति संबंधी हफ्ते भर पहले जारी शासनादेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। साथ ही कोर्ट ने इस संबंध में प्रदेश सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 26 जून होगी।
बता दें कि उत्तरकाशी के आलोक परमार और हल्द्वानी की ममता पंत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गेस्ट टीचरों की पुन: नियुक्ति संबंधी 25 मई 2016 को जारी शासनादेश को चुनौती दी थी।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की अदालत में बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई के दौरान याचिका की ओर से कहा गया कि सरकार सिर्फ 6214 गेस्ट टीचरों के हितों के बारे में सोच रही है, जबकि प्रदेश में एक लाख से अधिक बीएड बेरोजगार हैं।
इन गेस्ट टीचरों का ब्लॉक स्तर पर चयन हुआ था, लेकिन नए शासनादेश के अनुसार इन्हें ब्लॉक के अलावा जिला स्तर व मंडल स्तर पर समायोजित किया जा रहा है, जो सही नहीं है। याची की ओर से यह भी बताया गया कि पूर्व में कोर्ट में एडी कुमाऊं मंडल सुषमा सिंह ने कहा था कि गेस्ट टीचरों को हटा दिया गया है।
उसके बाद हुए आंदोलन के कारण सरकार ने पुन: नियुक्ति के लिए शासनादेश जारी किया। इस पर एकलपीठ ने शासनादेश पर रोक लगाते हुए सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 26 जून की तिथि नियत की है।