निकिता हत्याकांड को लेकर बाबा रामदेव भी सख्त कानून बनाए जाने और आरोपियों को सजा की मांग कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि फरीदाबाद की बेटी निकिता के हत्यारों को चौराहे पर सरेआम फांसी देनी चाहिए।
इस तरह की हत्याएं बेहद शर्मनाक और दरिंदगी की पराकाष्ठा है। देश में कठोर कानून बनना चाहिए, ताकि कोई भी असामाजिक तत्व किसी मां-बेटी की तरफ आंख उठाने की हिम्मत नहीं कर सकें।
इस तरह की घटनाओं के विरोध में मौलवी, मौलानाओं और जिम्मेदार लोगों को आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद की घटना शर्मनाक और भारत माता के माथे पर कलंक है।
हिंदू लड़कियों को बहला-फुसलाकर उनका धर्म परिवर्तन करने वालों के खिलाफ कठोर कानून बनाने के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने समर्थन किया है।
परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कहा है कि आरोपियों को ऐसा दंड मिले उनकी आने वाली पीढ़ियां भी उसे याद रखें। उन्होंने कहा कि दूसरे धर्म के कुछ युवक हाथ में कलावा और रुद्राक्ष की माला पहनकर हिंदू बहन-बेटियों को प्रेम जाल में फंसाते हैं।
शादी कर धर्म परिवर्तन का दबाव डालते हैं। धर्म परिवर्तन नहीं करने वाली बेटियों की हत्या की जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे दरिंदों को चौराहे पर जनता के बीच फांसी पर लटका देना चाहिए। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने हिंदू बहन-बेटियों से भी अपील की है कि वो किसी के झांसे में कतई न आएं।
हरियाणा की बेटी निकिता को न्याय दिलाने के लिए श्री अखंड परशुराम अखाड़ा की ओर से आयोजित एक दिवसीय मौन उपवास को कई संगठनों ने अपना समर्थन दिया। सभी संगठनों ने आरोपियों को सजा दिलाने के लिए मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक में करने की मांग की।
रविवार को पंडित अधीर कौशिक के नेतृत्व में देवपुरा चौराहा स्थित पंडित गोविंद बल्लभ पंत पार्क में कई संगठनों के लोग मौन उपवास पर बैठे। मौन उपवास शुरू होने से पहले पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। कभी बहला फुसलाकर तो कभी जबरन धर्म परिवर्तन कराने का दबाव बनाया जा रहा है।
इनकार करने वाली बेटियों को मौत के घाट उतारा जा रहा है। बाबा हठयोगी ने कहा कि हिंदू समाज पर लगातार हमले बढ़ रहे हैं। समाज को एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार निकिता हत्याकांड जैसी घटनाओं को गंभीरता से ले।