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Dehradun News: एआई और मशीन लर्निंग के बीच बनाना होगा संतुलन

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प्रिंसिपल प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन (पीपीएसए) की ओर से प्राचार्य और शिक्षकों के लिए आयोजित दो दिवसीय वैश्विक सम्मेलन का बुधवार को उद्घाटन किया गया। आईआईटी नई दिल्ली के प्रबंधन अध्ययन विभाग के प्रोफेसर डॉ. हरीश चौधरी ने कहा, बेहतर शिक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग के बीच संतुलन बनाना होगा। कार्यक्रम में यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
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मसूरी रोड स्थित पेस्टल वीड स्कूल में आयोजित सम्मेलन का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के वीडियो संदेश से किया गया। सीएम धामी ने कहा, बदलते समय के साथ शिक्षा में सकारात्मक बदलाव के लिए इस तरह के आयोजन किए जाने चाहिए। इसके बाद देश के 18 राज्यों से आए प्राचार्य व शिक्षकों ने शिक्षा में सफलता के लिए रणनीतियों को डिजाइन करना विषय पर विस्तार से चर्चा की। प्रोफेसर डॉ. हरीश चौधरी ने एआई के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं पर जोर दिया। कहा, एनईपी जटिल सोच और रचनात्मक सोच पर जोर देता है, लेकिन मशीनें ऐसी सोच नहीं कर सकती हैं। इसलिए हमें संतुलन बनाने की आवश्यकता है। वहीं, डॉ. दुर्गेश पंत ने कहा, शिक्षा अब पारंपरिक तरीकों के साथ प्रौद्योगिकी का मिश्रण बन गई है। इस मौके पर डॉ. रीमा पंत, स्कूल के चेयरमैन डॉ. प्रेम कश्यप, प्रधानाचार्य जतिन सेठी समेत शिक्षक व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।



सीखने और अनुभव करने पर दिया जोर

सम्मेलन के दूसरे सत्र में सीबीएसई (अकादमिक) के पूर्व निदेशक जी बालासुब्रमण्यन ने अनुभवात्मक शिक्षा विषय पर बात करते हुए कुछ भी सीखने और अनुभव करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कहा, जीवन प्रयोग करने और अनुभव करने के बारे में है। वहीं, संभव इंटरनेशनल फाउंडेशन की सह संस्थापक साध्वी प्रज्ञा भारती ने कहा, हमें अपनी युवा पीढ़ी के प्रति सहानुभूतिपूर्ण और दयालु दृष्टिकोण रखने की आवश्यकता है। इसके साथ ही आरएस फाउंडेशन की संस्थापक और अध्यक्ष डॉ. वंदना सिंह, लर्निंग फॉरवर्ड इंडिया के अध्यक्ष आरपी देवगन, त्रिभाषी अकादमी, सिंगापुर की निदेशक अन्या कश्यप ने भी अपने विचार रखे।
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