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उत्तराखंड: बाजपुर नगर पालिका के चुनाव पर संकट, हाईकोर्ट ने इसलिए निरस्त कर दी अधिसूचना

Fri, 26 Oct 2018 09:19 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नैनीताल
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नैनीताल उच्च न्यायालय - फोटो : file photo
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बाजपुर नगर पालिका के चुनाव पर भी संकट है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने बाजपुर के खमरिया ग्राम प्रधान दिनेश सैनी की याचिका पर पालिका के परिसीमन की अधिसूचना को निरस्त करने का आदेश जारी किया।

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शासन ने बाजपुर नगर पालिका के लिए 28 अगस्त 2018 को परिसीमन की अधिसूचना जारी की थी। परिसीमन के तहत पालिका में नौ गांवों को जोड़ा गया था। चकरपुर, मुंडियातला, भौना इस्लामनगर, महेशपुरा, महेशपुरा का दोराहा आंशिक क्षेत्र, खमरिया, हरलालपुर, ताली फार्म, मुंडिया पिस्तौर देहात, नंदपुर नरकाटोका गांवों को शामिल कर 20 वार्ड बनाए गए। इनकी आबादी करीब 39 हजार पाई गई। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर ही दोबारा परिसीमन कर 13 वार्ड किए गए। इसमें भौना इस्लामनगर, खमरिया और चकरपुर का आंशिक क्षेत्र लिया गया था। 

बाद के परिसीमन को खमरिया गांव के ग्राम प्रधान दिनेश सैनी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। याची के मुताबिक परिसीमन के तहत पालिका में खमरिया गांव का आंशिक भाग शामिल होना था। इसके विपरीत पूरे गांव को नगर पालिका में शामिल कर दिया गया। खमरिया राजस्व ग्राम है।
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याची के अधिवक्ता तरुण टाकुली ने कोर्ट को बताया कि शासन ने 28 अगस्त को बाजपुर पालिका में खमरिया, चकरपुर, भौना इस्लाम नगर, नंदपुर नरकाटोका, हरलालपुर, महेशपुरा, मुंडिया तला का आंशिक क्षेत्र दोराहा को पालिका में शामिल करते हुए अधिसूचना जारी की थी। इसके लिए पालिका एक्ट के अनुसार सेक्शन - 41 का नोटिस नहीं दिया गया। याचिकाकर्ता की ओर से इसे निरस्त किया जाने की मांग की थी।

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