बाजपुर और काशीपुर की डिस्टलरी (शराब फैक्टरी) को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने बंद करने के आदेश जारी किए हैं।
इनमें बाजपुर की डिस्टलरी सरकारी है, इसकी देखरेख आबकारी विभाग करता है। वहीं, काशीपुर की डिस्टलरी निजी कंपनी की है। डिस्टलरियों के ‘जीरो लिक्वड डिस्चार्ज’ की शर्त पूरी न कर पाने पर उत्तराखंड राज्य पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को डिस्टलरी बंद करवाने के सीपीसीबी ने आदेश किए हैं।
शराब फैक्टरियां बंद करने की जिम्मेदारी पीसीबी को दी गई है। यह आदेश आते ही बोर्ड प्रक्रिया पूरी करने में जुट गया है। इसके लिए फाइल मुख्य सचिव और बोर्ड के चेयरमैन एस रामास्वामी को भेजी जा रही है। सीपीसीबी के आदेश के संबंध में चेयरमैन की अनुमति के बाद शराब फैक्टरियों को बंद कर दिया जाएगा।
प्रावधानों के पालन के संबंध में सीपीसीबी ने उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी रिपोर्ट मंगवाई थी। राज्य सरकार की बाजपुर कोआपरेटिव फैक्टरी लिमिटेड की प्रतिदिन क्षमता 50 किलोलीटर शराब बनाने की है, लेकिन सीपीसीबी ने इसे 20 किलोलीटर तक नियंत्रित कर दिया था।
इसी तरह काशीपुर की इंडियन ग्लाइकोल लिमिटेड (आईजीएल) की क्षमता 450 किलोलीटर शराब बनाने की है, लेकिन इसे दो सौ किलोलीटर तक सीबीसीबी ने नियंत्रित कर दिया था। आईजीएल की एक स्थान पर आठ यूनिटें हैं।