अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने सहसपुर के बैरागीवाला में भाजपा नेता विनोद कुमार की हत्या के आरोपी जावेद और यूनुस की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने मामले में अपराध की प्रकृति को गंभीर बताते हुए कहा कि दोनों आरोपियों को जमानत देने का कोई उचित आधार नहीं है।
13 जून को बैरागीवाला में विवाद के बाद भाजपा नेता विनोद कुमार पर लोहे की पंजी और लकड़ी के फट्ट से हमला किया गया था। गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हो गई थी, जबकि उनके दो भाई भी मारपीट में घायल हुए थे। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी और मामले ने सांप्रदायिक रंग भी ले लिया था।
आरोपी पक्ष और वादी के परिवार के बीच पुरानी रंजिश थी। घटना से पहले सिंचाई के पानी को लेकर भी विवाद हुआ था। आरोप है कि जावेद, युनूस और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर वादी पक्ष के घर पर हमला किया और मारपीट की। इस दौरान विनोद कुमार के सिर पर लोहे की पंजी और लकड़ी के फट्ट से भी वार किया गया।
अदालत ने संकलित साक्ष्यों और मेडिकल प्रपत्रों का अवलोकन करते हुए अपराध को गंभीर माना। आरोपियों ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाने और आपराधिक इतिहास न होने का तर्क दिया था। जावेद 15 जून और युनूस पांच अगस्त से जिला कारागार में बंद है।