मामले की विवेचना के बाद आरोपी के विरुद्ध जिला शिक्षाधिकारी बेसिक रुद्रप्रयाग द्वारा 14 अगस्त 2018 को मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद आरोपी द्वारा अपने अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत के लिए अपर सेशन जज की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें आरोपी शिक्षक ने अपने को झूठा एवं रंजिशन फंसाए जाने की बात कही थी, लेकिन न्यायालय ने बीएड की फर्जी अंक तालिका व डिग्री के सहारे नौकरी पाने को गंभीर अपराध बताया।
दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए अपर सेशन जज ने आरोपी शिक्षक की जमानत याचिका खारिज कर दी। इधर, डीईओ बेसिक डॉ. विद्याशंकर चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपी को बीते सितंबर माह नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।