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5 मई को खुलेंगे बदरीनाथ के कपाट

Tue, 04 Feb 2014 06:19 PM IST
अमर उजाला, गोपेश्वर
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भगवान श्री बदरीनाथ के कपाट पांच मई को ब्रह्म मुहूर्त में प्रात: चार बजकर पांच मिनट पर खोले जाएंगे।
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वसंत पंचमी पर नरेंद्रनगर राजदबार में महाराजा मनुजेंद्र शाह और महारानी, सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह की उपस्थिति में आचार्य पंडित कृष्ण प्रसाद उनियाल ने महाराजा और भगवान बदरीनाथ की जन्म कुंडली देखकर कपाट खुलने की घोषणा की।

गाडू घड़ी तेल कलश यात्रा 21 अप्रैल को नरेंद्रनगर राजमहल से डिम्मर (कर्णप्रयाग) के लिए रवाना होगी। इस मौके पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल, उपाध्यक्ष मधु भट्ट, मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह, कार्याधिकारी अनिल शर्मा, धर्माधिकारी भुवन उनियाल, मीडिया प्रभारी हरीश गौड़,  डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष सुरेश डिमरी, आशुतोष डिमरी, मंत्री कांता प्रसाद व सरपंच ज्योतिष डिमरी, पंडित हेतराम थपलियाल आदि उपस्थित थे।
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इस तरह निकाला जाता है मुहूर्त
आचार्य पंडित कृष्ण प्रसाद उनियाल ने बताया कि श्री बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के लिए बदरीनाथ की राशि और टिहरी नरेश की राशि का अध्ययन किया जाता है। दोनों की राशियां मिलने पर तिथि का निर्धारण किया जाता है। नक्षत्रों को देखा जाता है। फिर शुभ लग्न पर विचार किया जाता है।

कपाट खोलने के लिए अक्षय तृतीया के बाद का ही दिन ढूंढा जाता है। 5 मई को पुष्य नक्षत्र पड़ रहा है, जो भगवान और सारे शुभ कार्यों के अनुकूल नक्षत्र है। राजदरबार से गाडू घड़ी के रवाना होने के लिए भी यही प्रक्रिया अपनाई जाती है। गत वर्ष 16 मई को प्रात: 4 बजे भगवान बदरीविशाल के कपाट खुले थे।

यात्रा शुरू करवाना बड़ी चुनौती : गोदियाल
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि इस वर्ष यात्रा शुरू करवाना बड़ी चुनौती है। यात्रा मार्ग के सड़कों की बुरी स्थिति है।

केदारनाथ धाम को जाने वाला 17 किमी का पैदल मार्ग भी आवागमन के लिए सही नहीं है। एक दिन में केदारनाथ धाम में कितने श्रद्धालु जा सकते हैं अप्रैल मध्य में मंदिर समिति इस स्थिति को स्पष्ट कर पाएंगी।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए अध्यक्ष गोदियाल ने कहा कि यात्रा मार्ग की चुनौतियों को हम स्वीकार करते हैं। हम बीआरओ के साथ मिलकर सड़क मार्ग को बेहतर बनाने में सहयोग करेंगे।
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केदारनाथ धाम में बर्फ पिघलने के बाद पुनर्निर्माण के कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। केदारनाथ के 17 किमी पैदल मार्ग पर रहने खाने, शौचालय और चिकित्सालयों की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने यात्रा मार्ग की वस्तु स्थिति की जानकारी महाराजा मनुजेंद्र शाह को भी दी।
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