danger zone, badrinath highway, chardham yatra
- फोटो : amar ujala
बदरीनाथ हाईवे के भूस्खलन क्षेत्रों पर वाहनों की आवाजाही में होने वाली दिक्कतें अब जल्द ही दूर हो जाएंगी। भूस्खलन क्षेत्रों के सुधारीकरण को लेकर केंद्र सरकार की चारधाम सड़क योजना के तहत चमोली जिले में परियोजना क्रियांवयन इकाई द्वारा सुधारीकरण कार्य शुरु कर दिया गया है।
जिले में बदरीनाथ हाईवे पर इकाई की ओर से 9 भूस्खलन क्षेत्रों को चयनित किया गया है। विभागीय अधिकारियों की माने तो आगामी वर्ष तक यात्रा मार्ग के सभी भूस्खलन क्षेत्रों का सुधारीकरण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
जिले में बदरीनाथ हाईवे की 156 किलोमीटर दूरी पर नगरासू से बदरीनाथ तक 10 भूस्खलन क्षेत्र हैं। भूस्खलन क्षेत्रों में यात्राकाल के दौरान वाहनों की आवाजाही तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों की परेशानी का सबब बनी रहती है। जिसे देखते हुए केंद्र सरकार के सड़क एवं परिवहन मंत्रालय द्वारा चार धाम सड़क योजना के तहत 75 करोड़ की लागत से भूस्खलन क्षेत्रों के सुधारीकरण योजना तैयार की गई है।
योजना के अनुसार पहले चरण में परियोजना क्रियांवयन इकाई द्वारा मैठाणा भूस्खलन क्षेत्र का सुधारीकरण कार्य शुरू कर दिया गया है। जबकि दूसरे चरण में बिरही, गोविंदघाट-1 और गोविंघाट-2 का सुधारीकरण कार्य किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से बदरीनाथ हाईवे के पैनी मोड़, पाताल गंगा, बिरही और कमेड़ा सहित अन्य भूस्खलन क्षेत्रों का सुधारीकरण कार्य किया जाएगा।
परियोजना क्रियांवयन समिति के अधिशासी अभियंता पंकज मौर्य का कहना है कि चारधाम सड़क योजना के तहत चमोली जिले 75 करोड़ की लागत से 9 भूस्खलन क्षेत्रों को सुधारीकरण कार्य किया जाएगा। बताया कि पहले चरण में हाईवे पर मैठाणा भूस्खलन क्षेत्र का सुधारीकरण कार्य शुरू कर दिया गया है। जल्द ही अन्य भूस्खलन क्षेत्रों का सुधारीकरण कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।