पहाड़ पर बृहस्पतिवार से लगातार हो रही बारिश से लोगों की मुसीबतें कम नहीं हो रही है। लामबगड़ में दूसरे दिन भी बदरीनाथ हाईवे सुचारु नहीं हो पाया।
हालांकि, 556 तीर्थयात्री पैदल ही बदरीनाथ धाम पहुंचे, जबकि 600 तीर्थयात्री बदरीनाथ के दर्शन कर सकुशल अपने गंतव्य को लौट गए हैं। बदरीनाथ हाईवे सुबह मैठाणा भूस्खलन जोन पर भी तीन घंटे तक बाधित रहा।
उधर, उत्तरकाशी में रतूड़ी सेरा के पास हुए भूस्खलन के कारण गंगोत्री राजमार्ग बंद हो गया। राजमार्ग बंद होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। हालांकि, बीआरओ की टीम मार्ग खोलने में लगी हुई है। इस बीच, गढ़वाल में कई जगहों में बरसाती पानी लोगों के घरों में घुस गया। भूस्खलन से कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। बारिश के चलते जहां-तहां मार्ग संपर्क मार्ग भी अवरुद्ध हैं।
नई टिहरी में प्रतापनगर क्षेत्र की लाइफ लाइन कही जाने वाली डोबरा-भल्डियाना सड़क का पचास मीटर हिस्सा गाड़ूगाड़ में टूट गया। चंबा के गजा रोड पर भूस्खलन से दो मकान खतरे की जद में आ गए हैं। आदिबदरी के भलसों गांव में दो से अधिक घरों में बरसाती पानी घुस गया है, जबकि प्यूंरा सहित आसपास के गांवों में तीन से अधिक मकान खतरे की जद में आ गए।
वहीं, मलबे से लैंसडौन जयहरीखाल और पेड़ आने से लैंसडौन-कोटद्वार-डुमैला मार्ग बंद होे गए, जिन्हें करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद खोला गया। उधर, रिखणीखाल ब्लॉक के मंजखोला गांव में कई स्थानों पर दरारें पड़ गई हैं। गांव का मुख्य मार्ग ढहने से उससे सटा एक घर का आंगन भी ढह गया। भिलंगना में आधा दर्जन संपर्क मार्ग बंद हैं। ऊपर से भूस्खलन और नीचे की तरफ भू-धंसाव से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर भी आवाजाही प्रभावित रही।