बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग रविवार को चौथे दिन भी नहीं खुल पाया है। जिससे बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पूरी तरह से पटरी से उतर गई है।
रविवार को भी लामबगड़ क्षेत्र में रुक-रुककर हुई बारिश के कारण चट्टान से पत्थर छिटकते रहे, जिससे हाईवे को खोलने का काम भी बाधित हुआ। देर सांय तक भी हाईवे यात्रा वाहनों की आवाजाही के लिए नहीं खुल पाया था। हाईवे अवरुद्घ होने से बदरीनाथ धाम में करीब 35 छोटे-बड़े यात्रा वाहन और करीब डेढ़ सौ तीर्थयात्री फंसे हुए हैं।
जबकि जोशीमठ और पांडुकेश्वर में रोके गए करीब दो सौ तीर्थयात्री हाईवे अवरुद्घ होने से बदरीनाथ धाम नहीं जा पा रहे हैं। हालांकि रविवार को लामबगड़ गांव से पैदल ही करीब दो सौ तीर्थयात्री बैनाकुली तक तीन किमी पैदल और यहां से पुन: वाहन में बैठकर बदरीनाथ धाम पहुंचे।
बीआरओ के कमांडर कर्नल आर सुब्रमण्यम का कहना है कि लामबगड़ क्षेत्र में हो रही बारिश और चट्टान से रह-रहकर छिटक रहे पत्थरों से हाईवे को खोलने का काम बाधित हो रहा है। खचड़ा नाला और लामबगड़ नाले के उफनाने से हाईवे को खोलने में दिक्कतें हो रही हैं। यदि मौसम ने साथ दिया तो सोमवार को सुबह दस बजे तक सुचारु कर लिया जाएगा।
धाम में की निशुल्क खाने और रहने की व्यवस्था
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के अवरुद्घ होने से बदरीनाथ धाम में फंसे तीर्थयात्रियों के लिए बीकेटीसी (बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति) ने रविवार को भंडारे का आयोजन किया। तीर्थयात्रियों के लिए बीकेटीसी ने धर्मशालाओं में रहने की भी निशुल्क व्यवस्था की है।
मंदिर अधिकारी भूपेंद्र मैठाणी ने बताया कि धाम में करीब दो सौ तीर्थयात्रियों के लिए निशुल्क रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है। तीर्थयात्रियों को धाम में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। खाक चौक पर बाबा बालकनाथ की ओर से भी तीर्थयात्रियों के लिए निशुल्क भोजन की व्यवस्था की गई है।