इसके बावजूद भी गोदियाल के कार्यकाल में मंदिरों के जीर्णाेद्धार के लिए राशि दी गई थी। मंदिरों को राशि देने के लिए बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित करने की बात गोदियाल ने कही है, पर बोर्ड बैठक में तत्कालीन अध्यक्ष गोदियाल ने तीन लोगों की मौजूदगी में प्रस्ताव पारित कराया, उसके पूरे सबूत हैं। उन्होंने कहा बीकेटीसी में वैयक्तिक सहायक का पद 1983 से है लेकिन इस पर नियमों को ताक पर रख कर नौटियाल को पदोन्नति दी गई।