बदरीनाथ धाम में स्थित आदि केदारेश्वर मंदिर के कपाट बृहस्पतिवार को भगवान बदरीनाथ को भोग लगाने के बाद विधि-विधान से शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। इस दौरान माणा और बामणी गांव के ग्रामीणों के साथ ही तीर्थयात्रियों ने भी आदि केदारेश्वर मंदिर में इस वर्ष की अंतिम पूजा में भाग लिया।
बदरीनाथ की धार्मिक परंपरा के अनुसार सुबह पांच बजे भगवान बदरीनाथ की महा अभिषेक पूजा शुरू हुई। इसके साथ ही आदि केदारेश्वर मंदिर में भी पूजा-अर्चना हुई। बदरीनाथ को भोग लगने के बाद दोपहर में धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल सहित बदरीनाथ के वेदपाठियों ने केदारेश्वर भगवान की अन्नकूट पूजा संपन्न की। इसके बाद अपराह्न दो बजे विधि विधान और पूजा-अर्चना के साथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।