मंत्रोच्चारण के साथ बदरीनाथ धाम के कपाट मंगलवार को शाम करीब चार बजकर 35 मिनट पर शीतकाल के लिये बंद कर दिए गए।
इस मौके का साक्षी बनने के लिए हजारों श्रद्धालु मंगलवार सुबह तक बदरीनाथ धाम पहुंच चुके थे। इससे पहले सोमवार शाम को धाम में रावल ईश्वरन नंबूदरी ने माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना संपन्न की।
मंगलवार को बदरीनाथ के कपाट दिनभर श्रद्घालुओं के दर्शनार्थ खुले रहे। कपाट बंद होने की तैयारियों को लेकर बदरीनाथ मंदिर को करीब 20 कुंतल गेंदे के फूलों से सजाया गया।