भगवान कुबेर जी की अगवानी में पांडुकेश्वर से डोली यात्रा बदरीनाथ पहुंची। इसके साथ भगवान उद्धव जी और शंकराचार्य जी की गद्दी के साथ मुख्य रावल भी रविवार को बदरीनाथ पहुंच गए।
रविवार को सैकड़ों की संख्या में भक्त डोली यात्रा के साथ धाम पहुंचे। डोली यात्रा बामणी गांव में लीला ढुङ्ग से होते हुए बद्रीनाथ मंदिर पहुंची। भगवान कुबेर रविवार को बामणी गांव में नंदा देवी मंदिर में विश्राम करेंगे। वहीं उद्धवजी की डोली रावल के निवास में विश्राम करेगी।
कल यानी सोमवार को प्रातः भगवान कुबेर और उद्धव जी मंदिर में प्रवेश करेंगे। इनके साथ बामणी पांडुकेश्वर के हक हकूदार और ग्रामीण मंदिर में प्रवेश करेंगे। बदरीनाथ मंदिर के धर्माधिकारी भुवन चंद उनियाल ने बताया कि कल कपाट खुलने के साथ ही अगले छह माह तक भगवान की पूजा का अधिकार मनुष्यों को प्राप्त हो जाएगा और सोमवार को प्रातः भगवान के कपाट आम लोगों के लिए खोल दिए जाएंगे।