चंद्र ग्रहण के चलते सोमवार को बदरीनाथ धाम की कपाट 1 बजकर 50 मिनट पर बंद कर दिये गये हैं। जानिए, अब बदरीनाथ प्रभु के द्वार कब खोले जाएंगे। ताकि श्रद्घालुगण नित्य पूजा-अर्चना कर सके।
हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण काल से नौ घंटे पूर्व सूतक काल प्रारंभ हो जाता है। इस दौरान मंदिरों में पूजाएं नहीं की जाती हैं। मान्यता के अनुसार सोमवार को बदरीनाथ धाम में साढे बारह बजे भगवान बदरी विशाल को बालभोग लगाया गया तथा 1 बजे शयन आरती के बाद 1 बजकर 50 मिनट पर बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद कर दिये गये।