वहीं बेलाकूची में भी हाईवे किनारे हाल ही में बनी सुरक्षा दीवार में बड़ी दरारें उभर आई हैं। फिलहाल कार्यदायी संस्था एनएचआईडीसीएल प्रभावित हिस्सों में मिट्टी का भरान कर यातायात सुचारु रखने का प्रयास कर रही है।
एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों का कहना है कि भूधंसाव वाले स्थलों का तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा तथा कारणों का अध्ययन कर स्थायी उपचार किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो।