केदारनाथ धाम के कपाट भैयादूज पर यानी नौ नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने का समय विजयादशमी के दिन तय किया जाएगा। वहीं ब्रदीनाथ धाम सहित द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि विजयादशमी को घोषित की जाएगी।
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि 19 अक्तूबर को बद्रीनाथ मंदिर परिसर में पूर्वाह्न 11 बजे से बद्रीनाथ के रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी, मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल सहित वेदपाठियों और हक-हकूकधारियों की उपस्थिति में शीतकाल के लिए धाम के कपाट बंद होने की तिथि तय की जाएगी।
इसी दिन आगामी वर्ष की तीर्थयात्रा में यात्रा व्यवस्थाओं के लिए मेहता और भंडारी थोक के हक-हकूकधारियों को पगड़ी (जिम्मेदारी) भेंट की जाएगी। इसी के साथ आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, उद्धव जी और कुबेर जी की उत्सव डोली के जोशीमठ और पांडुकेश्वर आगमन का कार्यक्रम भी घोषित किया जाएगा।
उधर, केदारनाथ में श्रीबद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के कार्याधिकारी एनपी जमलोकी ने बताया कि पंचकेदार शीतकालीन गद्दी स्थल में विधि-विधान और पंचांग गणना के आधार पर विजयदशमी के दिन केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने का समय तय किया जाएगा। परंपरानुसार धाम के कपाट भैयादूज को बंद होते हैं। इसी घड़ी में द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि भी घोषित की जाएगी। इस मौके पर धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।