आदित्य जोशी, चिराग सेन के बाद उत्तराखंड की लिटिल बैडमिंटन स्टार हिमांशी रावत ने राज्य का नाम ऊंचा किया है।
नंबर एक बनने का लक्ष्य
हिमांशी रावत ने अंडर-15 आयु वर्ग में देश में दूसरा रैंक हासिल कर लिया है। हिमांशी का लक्ष्य अब साल 2014 में होने वाले टूर्नामेंट के खिताब जीतकर नंबर एक बनने का है। अपने अभियान की शुरुआत हिमांशी फरवरी में खड़प्पा में ऑल इंडिया अंडर-15 रैंकिंग टूर्नामेंट से करेंगी।
बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने साल 2013 में आयोजित टूर्नामेंट में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर नई रैंकिंग जारी की है। अंडर-15 बालिका वर्ग में हिमांशी को 419 अंक हासिल हुए हैं। देश में नंबर-दो बनने पर हिमांशी काफी खुश हैं।
उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य इस साल होने वाली प्रतियोगिताओं में जीत दर्ज करने का है। आठ साल की उम्र में बैडमिंटन उठाने वाली मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के टानी गांव निवासी हिमांशी रावत वर्तमान में एसजीआरआर रेसकोर्स में कक्षा आठ की छात्रा हैं।
पैर में चोट लगने के कारण नहीं खेल पाईं
डांस की शौकीन हिमांशी बीते साल के अंत में पैर में चोट लगने के कारण कई राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय टूर्नामेंट नहीं खेल पाई थीं। इस कारण भी रैंकिंग कुछ कम हुई है।
हिमांशी के पिता दान सिंह रावत पुलिस विभाग में तैनात हैं। हिमांशी ने पुलिस लाइन के बैडमिंटन कोर्ट में ही शौकिया तौर पर खेल की शुरुआत की थी।
साल 2009 में उन्होंने पहली बार पुलिस लाइन की टीम से जिला बैडमिंटन टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। यहां हिमांशी की प्रतिभा देखने के बाद कोच दीपक रावत ने उन्हें अपने साथ ले लिया।
साल 2010 में अंडर-10 की स्टेट चैंपियन बनने के बाद हिमांशी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुकी हैं। हर रोज करीब चार घंटे प्रैक्टिस करने वाली हिमांशी अब अपनी फिटनेस सुधारने पर जोर दे रही हैं।