छह साल की उम्र में शौकिया बैडमिंटन थामने वाली अल्मोड़ा की अक्षिता भंडारी अब अंडर-17 में चमक बिखरेने को तैयार है।
हिमांशी रावत संग बनेगी जोड़ी
इससे पहले वह वर्ष 2013 में अंडर-15 वर्ग में तीसरी रैंक पाकर अपनी पहचान बना चुकी हैं। चंडीगढ़ में कृष्णा खेतान मेमोरियल ऑल इंडिया मेजर रैंकिंग प्रतियोगिता में अक्षिता पहली बार दून की अंडर-15 में राष्ट्रीय स्तर पर नंबर दो खिलाड़ी हिमांशी रावत संग जोड़ी बनाकर खेलेंगी।
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बुधवार को प्रतियोगिता की तैयारी के लिए अक्षिता दून पहुंच गईं। अमर उजाला को उन्होंने बताया कि उनके पिता हरीश भंडारी बैडमिंटन कोच डीके सेन के अच्छे दोस्त हैं। उनकी प्रेरणा से ही अक्षिता ने बैडमिंटन रैकेट थामा।
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कूर्मांचल एकेडमी में दसवीं की छात्रा अक्षिता ने अल्मोड़ा स्टेडियम में सेन से खेल की बारीकियां सीखकर पहली बार पिथौरागढ़ में स्टेट चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था।
15 राष्ट्रीय पदक जीते
इसके बाद अंडर-15 वर्ग तक अक्षिता तीन स्वर्ण सहित कुल 15 राष्ट्रीय पदक जीत चुकी हैं। वर्ष 2013 में एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप में वह क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थीं।
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अपने खेल की बदौलत अक्षिता को बीबीडी यूनीवर्सिटी लखनऊ में एडमिशन मिला है, जहां वह जून 2013 से अभ्यास कर रही हैं। अक्षिता ने बताया कि हिमांशी बहुत शानदार खिलाड़ी है, जिसके साथ खेलने को वो भी उत्सुक है।
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प्रतियोगिता में उनकी जोड़ी को पांचवीं सीड भी मिली है। उम्मीद जताई कि वे चंडीगढ़ में पदक जीतकर लौटेंगी।