मां साधना ने इधर-उधर उसकी तलाश की, जब बाथरूम में देखा तो पानी से भरे टब में पलक अचेत पड़ी थी। मां ने बेटी को बाहर निकाला तो उसकी सांस कम चल रही थी।
साधना ने फौरन पति को सूचना दी और बेटी को पेपर मिल की डिस्पेंसरी ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉ. सुनील मधवार ने उसे एंबुलेंस से हल्द्वानी के निजी अस्पताल में भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बेटी की मौत की खबर सुनकर माता-पिता बदहवास हो गए। राजेश ने बताया कि उसके दो बेटे हर्ष (8) और अंशु (6) हैं। एक साल पहले बेटी के आने से पूरा परिवार खुश था।