इस बार की दिवाली के दिन 17 घरों में 'मां लक्ष्मी' पधारीं।इसके बार परिजनों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
दिवाली के दिन रुड़की के 17 घरों में बेटी के जन्म लेने पर पति-पत्नी ने उसे साक्षात लक्ष्मी का वरदान माना। टांडा हसनगढ़ निवासी अमित और उनकी पत्नी रविता को इस बार की दीवाली पर जितनी खुशियां मिली उतनी आज तक कभी नहीं मिली।
बृहस्पतिवार तड़के रविता ने बेटी को जन्म दिया। ‘लक्ष्मी’ के आने की खुशी में घर में मिठाई बांटी गई।
दिवाली के दिन लक्ष्मी पधारीं बेटी का जन्म हुआ
आरती ने दिवाली पर बेटी को जन्म दिया
- फोटो : self
अंबर तालाब रुड़की निवासी दीपा और उनके पति सोम भी उन सौभाग्यशाली लोगों में शामिल है जिनके घर दिवाली के दिन लक्ष्मी पधारीं। रुड़की के खंजरपुर निवासी अनूप और उनकी पत्नी आरती के घर में दिवाली पर लक्ष्मी आईं।
आरती ने दिवाली पर बेटी को जन्म दिया। इससे पूरा परिवार गदगद है। आरती कहती हैं बेटी के जन्म ने उनकी खुशियों को कई गुना बढ़ा दिया है।
कमोवेश इसी प्रकार की खुशियां लक्सर क्षेत्र के मिर्जापुर निवासी नीलू के घर में आईं हैं।
बेटी के रूप में अनमोल खजाना घर आया
अस्पताल के डॉक्टर समेत अन्य स्टाफ भी बेहद खुश
- फोटो : डेमो
नीलू ने बृहस्पतिवार को बेटी को जन्म दिया। दूसरी बार मां बनी नीलू का कहना है कि उनके पास पहले एक बेटा है, अब बेटी के रूप में अनमोल खजाना आया है।
बेटी के जन्म पर खुशियों से सरोबार नीलू कहती हैं कि इस बार की दिवाली उन्हें हमेशा याद रहेगी। रुड़की और आसपास के इलाकों में स्थित निजी अस्पतालों में कुल मिलाकर 17 घरों में दिवाली पर साक्षात लक्ष्मी पधारी हैं। ताज्जुब यह कि 17 में से ज्यादातर बेटियां सामान्य प्रसव से हुईं।
दिवाली पर अस्पताल में तीन बेटियों ने जन्म लिया है। प्रसूता और नवजात का पूरा ध्यान दिया जा रहा है। बेटियों के जन्म लेने के साथ ही परिजनों के साथ-साथ अस्पताल के डॉक्टर समेत अन्य स्टाफ बेहद खुश हैं।
- डॉ. अरविंद कुमार मिश्र, सीएमएस रुड़की सिविल अस्पताल